पेट्रोल डीलरों ने 2,000 रुपये से अधिक के लेनदेन पर प्रस्तावित 0.4 प्रतिशत मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) के संबंध में चिंता जताई है। डीलर सक्रिय रूप से इन लागतों से छूट की मांग कर रहे हैं, और चेतावनी दे रहे हैं कि इस तरह का शुल्क उनके संचालन पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ डालेगा।
ईंधन खुदरा विक्रेताओं पर MDR शुल्क का प्रभाव
पेट्रोल डीलरों के सामने मुख्य समस्या मार्जिन कम होने की संभावना है। डीलरों के अनुसार, उच्च मूल्य वाले लेनदेन पर 0.4 प्रतिशत शुल्क लगाने से सीधे उनके मुनाफे पर असर पड़ता है। चूंकि ईंधन स्टेशन विशिष्ट मार्जिन पर काम करते हैं, इसलिए 2,000 रुपये से अधिक के डिजिटल भुगतान के लिए इस शुल्क की शुरुआत उद्योग के लिए चिंता का एक बड़ा विषय है।
डीलर छूट की मांग क्यों कर रहे हैं
डीलरों ने इस बात पर प्रकाश डाला है कि वर्तमान वित्तीय संरचना MDR शुल्क से जुड़ी अतिरिक्त लागतों को आसानी से वहन नहीं कर सकती है। छूट की मांग करके, उनका लक्ष्य अपने मौजूदा मार्जिन की रक्षा करना है। उद्योग स्थिति पर बारीकी से नजर बनाए हुए है, क्योंकि ये लेनदेन शुल्क देश भर में ईंधन आउटलेट्स के दैनिक संचालन को सीधे प्रभावित करते हैं।