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आज के मूंगफली के भाव

फसल तेजी

मूंगफली

गुजरात भर में मूंगफली के नवीनतम नीलामी रेट्स

मूंगफली मंडी सारांश

अंतिम अपडेट: 05 Aug 2026, 12:00 AM

607 मंडियां
उच्चतम मूल्य ₹1,650
न्यूनतम मूल्य ₹750
औसत मोडल ₹1,302
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आज का बाजार विश्लेषण

आज गुजरात की मंडियों में मूंगफली की आवक सामान्य रही है। बाजार में अधिकतम मूल्य ₹1,650 दर्ज किया गया है, जबकि औसत मोडल भाव ₹1,302 के आसपास है। कुल 607 मंडियों के अनुसार बाजार में तेजी का रुख है।

बेंचमार्क: 20 किलो (1 मण) सत्यापित APMC डेटा

इन मंडियों में उपलब्ध है

प्रति 20 किलो
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🌱 मूंगफली के बारे में और पूर्ण प्रोफ़ाइल

मूंगफली, जिसे 'तिलहन का राजा' कहा जाता है, गुजरात की कृषि अर्थव्यवस्था का एक मुख्य आधार है। गुजरात भारत में मूंगफली का सबसे बड़ा उत्पादक राज्य है, जो घरेलू खपत और अंतरराष्ट्रीय निर्यात दोनों में महत्वपूर्ण योगदान देता है। यह फसल मुख्य रूप से सौराष्ट्र और उत्तर गुजरात के क्षेत्रों में उगाई जाती है, जहां अर्ध-शुष्क जलवायु और अच्छी जल निकासी वाली मिट्टी फली के विकास के लिए आदर्श वातावरण प्रदान करती है। मूंगफली की खेती राज्य के तेल उद्योग के लिए महत्वपूर्ण है, जो उच्च गुणवत्ता वाला खाद्य तेल और पशु आहार के लिए प्रोटीन युक्त खली प्रदान करती है। यह फसल आमतौर पर खरीफ सीजन के दौरान उगाई जाती है, हालांकि पैदावार को स्थिर करने के लिए सिंचाई का उपयोग भी बढ़ रहा है। गुजरात के किसानों ने GJG-9, GJG-10 और TG-37A जैसी उन्नत किस्मों को अपनाया है, जो अधिक तेल सामग्री और सफेद लट व माहू जैसे कीटों के प्रति प्रतिरोधक क्षमता प्रदान करती हैं। गुजरात में मूंगफली का बाजार बहुत बड़ा है, जिसमें गोंडल, राजकोट और जामनगर की एपीएमसी मंडियां मूल्य निर्धारण के लिए प्रमुख केंद्र हैं। विशेष रूप से HPS (हैंड पिक्ड सिलेक्टेड) किस्मों के लिए वैश्विक मांग ने किसानों के लिए निर्यात के अवसर खोले हैं। मिट्टी के स्वास्थ्य को बनाए रखने के लिए कपास या अनाज के साथ फसल चक्र और जैविक उर्वरकों के उपयोग को प्रोत्साहित किया जा रहा है। जलवायु परिवर्तन को देखते हुए, ड्रिप सिंचाई और नमी संरक्षण तकनीकें अपनाना आवश्यक हो गया है। मूंगफली की खेती न केवल लाखों छोटे किसानों की आजीविका का समर्थन करती है, बल्कि प्रसंस्करण और रसद क्षेत्रों में रोजगार पैदा करके ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी गति देती है। दाने का आकार, नमी की मात्रा और एफलाटॉक्सिन प्रबंधन जैसे गुणवत्ता मानकों पर ध्यान केंद्रित करके, गुजरात के किसान स्थानीय और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में प्रीमियम मूल्य प्राप्त कर सकते हैं।
बुवाई और कटाई 🌾 बुवाई: खरीफ: जून से जुलाई ✂️ कटाई: अक्टूबर से नवंबर
उपयुक्त मिट्टी का प्रकार 🪨 6.5 से 7.5 pH वाली अच्छी जल निकासी वाली रेतीली दोमट मिट्टी
भंडारण और संरक्षण 🏠 ठंडे, सूखे और हवादार गोदामों में भंडारण करें; बोरियों को फर्श से ऊपर रखने के लिए लकड़ी के पैलेट का उपयोग करें; नमी को 8% से नीचे रखें।
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messages.farmer_advisory • मूंगफली

1. भंडारण से पहले नमी की मात्रा 8% से कम सुनिश्चित करें ताकि फफूंद न लगे। 2. बेहतर बाजार मूल्य के लिए मैकेनिकल ग्रेडिंग करें और क्षतिग्रस्त या सिकुड़े हुए दानों को अलग करें। 3. एपीएमसी ले जाने से पहले उपज से मिट्टी, पत्थर और कचरे को अच्छी तरह साफ करें। 4. बाजार के रुझानों पर नजर रखें और कटाई के तुरंत बाद जल्दबाजी में बिक्री से बचें; जब कीमतें स्थिर हों तब बेचें। 5. उचित वेंटिलेशन के लिए जूट की बोरियों का उपयोग करें और एफलाटॉक्सिन संदूषण को रोकने के लिए सूखे स्थान पर भंडारण करें।

📈 7-दिवसीय मूल्य रुझान

प्रति 20 किलो

मूंगफली का व्यापार करने वाली अन्य मंडियां (भाग 2)

📚 मूंगफली के लिए आवश्यक कृषि गाइड

संबंधित मार्केट यार्ड

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❓ किसान सहायता केंद्र

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राजकोट, गोंडल और जूनागढ़ जैसे प्रमुख बाजारों में मूंगफली का वर्तमान औसत मॉडल भाव ₹1,359 प्रति क्विंटल है।
वर्तमान में मूंगफली का अधिकतम भाव ₹1,990 और न्यूनतम भाव ₹801 प्रति क्विंटल दर्ज किया गया है।
फफूंद और नुकसान से बचने के लिए भंडारण से पहले मूंगफली को 8-9% नमी तक सुखाना चाहिए।
दाने के आकार, रंग और कचरे की अनुपस्थिति के आधार पर ग्रेडिंग करने से किसानों को अधिकतम बाजार भाव प्राप्त करने में मदद मिलती है।
मूंगफली को ठंडी, सूखी और हवादार जगह पर रखें। जमीन की नमी से बचने के लिए बोरियों को लकड़ी के पैलेट पर रखें।
स्मार्ट खेड़ूत पर दैनिक भावों पर नजर रखें; जब बाजार में आवक मध्यम हो, तब बेचने से बेहतर दाम मिलने की संभावना रहती है।
किसान भारत सरकार या गुजरात राज्य कृषि विपणन बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइटों से नवीनतम MSP की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
अपनी उपज को साफ रखें, पत्थर और कचरे से मुक्त रखें और किस्म के अनुसार छंटाई करें ताकि व्यापारी बेहतर बोली लगा सकें।

🔗 किसानों के लिए अन्य उपयोगी जानकारी

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