मिट्टी परीक्षण से मिट्टी में उपलब्ध पोषक तत्वों और कुछ मिट्टी-संबंधी समस्याओं की जानकारी मिलती है। रिपोर्ट के आधार पर फसल और स्थानीय सिफारिशों के अनुसार उर्वरक योजना बनाई जा सकती है।
मिट्टी की जांच क्यों कराएं?
- मिट्टी की पोषक स्थिति समझने में मदद मिलती है।
- जरूरत के अनुसार उर्वरक चुनने और अनावश्यक खर्च से बचने में सहायता मिलती है।
- यदि जांच में शामिल हो, तो pH और लवणता जैसी समस्याओं की पहचान हो सकती है।
- फसल चयन और मिट्टी सुधार के बेहतर निर्णय लिए जा सकते हैं।
मिट्टी का नमूना कैसे लें?
- खेत के समान प्रकार वाले हिस्से से अलग नमूना लें। अलग मिट्टी या अलग फसल वाले हिस्सों को एक नमूने में न मिलाएं।
- खाद के ढेर, पानी जमा होने वाले स्थान, खेत की मेड़, सड़क और असामान्य जगहों से नमूना न लें।
- खेत में कई स्थानों से ज़िगज़ैग तरीके से मिट्टी लें। सामान्य खेती में अक्सर सतह का कचरा हटाकर लगभग 0–15 सेमी गहराई से नमूना लिया जाता है; बागवानी या विशेष जांच के लिए प्रयोगशाला के निर्देश मानें।
- साफ औजार और बाल्टी से मिट्टी मिलाएं। प्रयोगशाला द्वारा बताई गई मात्रा में प्रतिनिधि नमूना अलग करें।
- नमूने को सही तरीके से पैक कर खेत, फसल, सिंचाई और किसान का विवरण साथ दें।
सावधानी
नमूने की गहराई और मात्रा फसल तथा जांच के अनुसार बदल सकती है। नमूना भेजने से पहले नजदीकी मिट्टी परीक्षण प्रयोगशाला या कृषि विज्ञान केंद्र के निर्देश जांचें।
रिपोर्ट मिलने के बाद क्या करें?
रिपोर्ट में दिए गए pH, EC और पोषक तत्वों के परिणामों को प्रयोगशाला की व्याख्या के साथ समझें। फसल, मिट्टी, सिंचाई के पानी और स्थानीय कृषि सिफारिशों के अनुसार उर्वरक की मात्रा तय करें। केवल अनुमान के आधार पर खाद न डालें।
मिट्टी की जांच कहां कराएं?
नजदीकी सरकारी मिट्टी परीक्षण प्रयोगशाला, कृषि विज्ञान केंद्र (KVK) या कृषि विश्वविद्यालय से संपर्क करें। नमूने की पैकिंग, शुल्क और रिपोर्ट का समय संस्था के अनुसार अलग हो सकता है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
1. मिट्टी की जांच कब कराएं?
फसल की योजना और उर्वरक खरीदने से पहले जांच कराना उपयोगी है। प्रयोगशाला या कृषि विशेषज्ञ की सुझाई आवृत्ति अपनाएं।
2. क्या पूरे खेत से एक ही नमूना लें?
केवल तब, जब मिट्टी और प्रबंधन समान हों। अलग हिस्सों या फसलों के लिए अलग नमूने बेहतर हो सकते हैं।
3. रिपोर्ट के अनुसार उर्वरक देना क्यों जरूरी है?
इससे फसल की जरूरत के अनुसार पोषक तत्व देने और अनावश्यक उर्वरक खर्च घटाने में मदद मिलती है।
खरीफ फसल की जानकारी के लिए खरीफ फसल योजना और APMC बाजार भाव भी देखें।