मुख्य सामग्री पर जाएं
फसल स्थिर

सुवा (डिल बीज) APMC मंडी भाव

गुजरात की विभिन्न APMC मंडियों में सुवा (डिल बीज) के नवीनतम बाजार भाव।

• प्रति 20 किलो

सुवा (डिल बीज) मंडी भाव सारांश

2 भाव रिकॉर्ड
सबसे अधिक भाव ₹1,931
सबसे कम भाव ₹1,800
औसत मॉडल भाव ₹1,844

जब तक अलग से उल्लेख न हो, सभी भाव 20 किलोग्राम के हिसाब से दिखाए जाते हैं।

विज्ञापन

नवीनतम मंडी विश्लेषण

नवीनतम सुवा (डिल बीज) मंडी डेटा के अनुसार 20 किलोग्राम पर सबसे अधिक दर्ज भाव ₹1,931 है और 2 मंडी रिकॉर्ड में औसत मॉडल भाव ₹1,844 है। वर्तमान बाजार स्थिति: स्थिर।

भाव की इकाई APMC मंडी डेटा
APMC मंडी भाव

सुवा (डिल बीज) गुजरात की मंडियों के बाजार भाव

गुजरात की APMC मंडी यार्ड में न्यूनतम, अधिकतम और मॉडल भाव की तुलना करें। भाव सामान्यतः 20 किलोग्राम के हिसाब से दिखाए जाते हैं।

2 भाव रिकॉर्ड
भेज रहे हैं...
विज्ञापन
फसल

गुजरात में सुवा (डिल बीज) के बाजार भाव और व्यापार की जानकारी

सुवा (डिल सीड) एक महत्वपूर्ण मसाला और औषधीय फसल है, जिसे गुजरात के शुष्क और अर्ध-शुष्क क्षेत्रों, विशेष रूप से बनासकांठा, पाटन और मेहसाणा जिलों में बड़े पैमाने पर उगाया जाता है। एपिएसी (Apiaceae) परिवार का सदस्य होने के नाते, सुवा अपने सुगंधित बीजों और पत्तियों के लिए अत्यधिक मूल्यवान है, जो कार्वोन और लिमोनेन जैसे आवश्यक तेलों से भरपूर होते हैं। गुजरात में, सुवा मुख्य रूप से रबी फसल के रूप में उगाया जाता है, जो राज्य की सर्दियों की ठंडी और शुष्क जलवायु में अच्छी तरह पनपता है। यह फसल अपेक्षाकृत कठोर है और अन्य नकदी फसलों की तुलना में इसे बहुत कम पानी की आवश्यकता होती है, जो इसे जल-संकट वाले क्षेत्रों के किसानों के लिए एक आदर्श विकल्प बनाती है। आर्थिक रूप से, सुवा एक महत्वपूर्ण निर्यात वस्तु है। भारत विश्व स्तर पर डिल सीड के अग्रणी उत्पादकों में से एक है, और गुजरात इस उत्पादन में महत्वपूर्ण योगदान देता है। सुवा की बाजार मांग खाद्य प्रसंस्करण उद्योग, पारंपरिक चिकित्सा (आयुर्वेद) और दवा क्षेत्र में इसके विविध उपयोगों से प्रेरित है। गुजरात के किसान अक्सर सुवा को प्राथमिकता देते हैं क्योंकि इसमें इनपुट लागत कम होती है और एपीएमसी मंडियों में बाजार भाव अपेक्षाकृत स्थिर रहते हैं। फसल चक्र छोटा होने के कारण, किसान इसे अन्य फसलों के साथ प्रभावी ढंग से बदल सकते हैं। पैदावार को अधिकतम करने के लिए, किसानों को उच्च गुणवत्ता वाली, रोग-प्रतिरोधी किस्मों के चयन और फूल आने के चरण के दौरान उचित पोषक तत्व प्रबंधन पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। जैसे-जैसे प्राकृतिक स्वाद बढ़ाने वाले एजेंटों और हर्बल सप्लीमेंट्स की वैश्विक मांग बढ़ रही है, सुवा की खेती गुजरात के किसान समुदाय के लिए एक टिकाऊ और लाभदायक मार्ग प्रदान करती है। ड्रिप सिंचाई और एकीकृत कीट प्रबंधन जैसी आधुनिक कृषि पद्धतियों को अपनाकर, किसान अपनी उपज की गुणवत्ता में काफी सुधार कर सकते हैं, जिससे बाजार में बेहतर मूल्य प्राप्त करना सुनिश्चित होता है और दीर्घकालिक कृषि स्थिरता बनी रहती है।

अपनी फसल बेचने जाने से पहले आसपास की मंडियों के भावों की तुलना करना बहुत जरूरी है। इससे आपको बाजार का ट्रेंड समझने और बिचौलियों से बचकर अपनी उपज का सर्वोत्तम मुनाफा प्राप्त करने में मदद मिलती है।

बुवाई का मौसम

🌱 अक्टूबर से नवंबर (रबी सीजन)

कटाई का मौसम

🌾 फरवरी से मार्च

उपयुक्त मिट्टी

🪨 6.5 से 8.0 pH वाली अच्छी जल निकासी वाली रेतीली दोमट या जलोढ़ मिट्टी

भंडारण और संरक्षण

🏠 ठंडे, सूखे और हवादार गोदाम में भंडारण करें; आवश्यक तेलों के नुकसान को रोकने और नमी से बचाने के लिए एयरटाइट कंटेनरों का उपयोग करें.

उपयोग

🌿 पाक कला में मसाले के रूप में, अचार और स्नैक्स में स्वाद बढ़ाने के लिए, पाचन के लिए आयुर्वेदिक दवा में, और फार्मास्यूटिकल्स के लिए आवश्यक तेलों के निष्कर्षण में।

APMC भाव गाइड

APMC मंडी भाव कैसे समझें?

मंडी भाव की आसान तुलना के लिए कीमतें 20 किलोग्राम के हिसाब से दिखाई जाती हैं।

न्यूनतम भाव

न्यूनतम भाव उपलब्ध मंडी डेटा के अनुसार फसल का सबसे कम दर्ज किया गया बाजार भाव है।

अधिकतम भाव

अधिकतम भाव उपलब्ध मंडी डेटा के अनुसार फसल का सबसे अधिक दर्ज किया गया बाजार भाव है।

औसत भाव

मॉडल भाव बाजार में सबसे सामान्य रूप से दर्ज किया गया भाव है और किसानों के लिए संदर्भ भाव के रूप में उपयोगी है।

महत्वपूर्ण जानकारी

मंडी भाव आवक, फसल की गुणवत्ता, मांग, आपूर्ति और स्थानीय बाजार की स्थिति के अनुसार बदल सकते हैं। फसल बेचने से पहले नवीनतम भाव की पुष्टि करें।

किसान सलाह

सुवा (डिल बीज) खेती सलाह

1. भंडारण से पहले बीजों में नमी की मात्रा 8% से कम सुनिश्चित करें ताकि फफूंद न लगे। 2. प्रीमियम मूल्य प्राप्त करने के लिए धूल, पत्थरों और अपरिपक्व बीजों को हटाने के लिए मैकेनिकल ग्रेडिंग करें। 3. सुगंध बनाए रखने के लिए साफ, नमी-रोधी बोरियों या हर्मेटिक स्टोरेज बैग का उपयोग करें। 4. ऊंझा जैसे प्रमुख एपीएमसी केंद्रों में बाजार के रुझानों पर नजर रखें और उच्च मांग के दौरान बिक्री करें। 5. बीजों का रंग खराब होने से बचाने के लिए नम या कोहरे वाले मौसम में कटाई से बचें।

भाव का रुझान

7 दिनों का बाजार भाव रुझान

प्रति 20 किलो

पिछले 7 दिनों में सुवा (डिल बीज) के औसत मॉडल भाव का रुझान। भाव 20 किलोग्राम के हिसाब से दिखाए जाते हैं।

20 किलो के अनुसार पिछले 7 दिन
किसान उपयोगी जानकारी
विज्ञापन
किसान सहायता केंद्र

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राजकोट, गोंडल और जूनागढ़ जैसे प्रमुख बाजारों में सुवा का वर्तमान औसत मॉडल भाव ₹1,641 प्रति 20 किलो है।
वर्तमान में सुवा के भाव गुणवत्ता के आधार पर न्यूनतम ₹800 से अधिकतम ₹2,000 प्रति 20 किलो के बीच हैं।
अच्छी गुणवत्ता और बेहतर भाव पाने के लिए, एपीएमसी में बेचने से पहले सुवा में नमी की मात्रा 8-10% तक होनी चाहिए।
बीज के आकार, रंग और कचरे से मुक्त गुणवत्ता के आधार पर सही ग्रेडिंग करने से अधिकतम ₹2,000 का भाव मिलने की संभावना बढ़ जाती है।
सुवा को ठंडी, सूखी और हवादार जगह पर नमी-रोधी बोरियों में संग्रहित करना चाहिए ताकि फफूंद न लगे और तेल की मात्रा बनी रहे।
वर्तमान में सुवा सरकार की न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) योजना के अंतर्गत नहीं आता है; इसके भाव एपीएमसी में मांग और आपूर्ति के आधार पर तय होते हैं।
राजकोट, गोंडल और जूनागढ़ एपीएमसी सुवा के व्यापार के लिए प्रमुख बाजार हैं जहाँ नीलामी में प्रतिस्पर्धी भाव मिलते हैं।
सुवा को धूल और डंठल से अच्छी तरह साफ करें और स्मार्ट खेदूत पर दैनिक भावों की जांच करके तब बेचें जब मॉडल भाव अधिक हो।
Smart Khedut संसाधन

🔗 किसानों के लिए अन्य उपयोगी जानकारी

मौसम पूर्वानुमान, सरकारी सब्सिडी और कृषि से जुड़े अन्य साधनों का लाभ उठाएं।