मुख्य सामग्री पर जाएं

आज के तिल (तिल, गिंगेली, तिल) के भाव

फसल तेजी

तिल (तिल, गिंगेली, तिल)

गुजरात भर में तिल (तिल, गिंगेली, तिल) के नवीनतम नीलामी रेट्स

तिल (तिल, गिंगेली, तिल) मंडी सारांश

अंतिम अपडेट: 05 Aug 2026, 12:00 AM

797 मंडियां
उच्चतम मूल्य ₹3,821
न्यूनतम मूल्य ₹1,415
औसत मोडल ₹2,528
विज्ञापन Google AdSense Space

आज का बाजार विश्लेषण

आज गुजरात की मंडियों में तिल (तिल, गिंगेली, तिल) की आवक सामान्य रही है। बाजार में अधिकतम मूल्य ₹3,821 दर्ज किया गया है, जबकि औसत मोडल भाव ₹2,528 के आसपास है। कुल 797 मंडियों के अनुसार बाजार में तेजी का रुख है।

बेंचमार्क: 20 किलो (1 मण) सत्यापित APMC डेटा

इन मंडियों में उपलब्ध है

प्रति 20 किलो
विज्ञापन Google AdSense Space

🌱 तिल (तिल, गिंगेली, तिल) के बारे में और पूर्ण प्रोफ़ाइल

तिल (Sesamum indicum) भारत और विशेष रूप से गुजरात के कृषि परिदृश्य में एक प्रमुख तिलहन फसल है। इसे 'तिलहनों की रानी' कहा जाता है क्योंकि इसमें उच्च गुणवत्ता वाला तेल और पोषक तत्व प्रचुर मात्रा में होते हैं। गुजरात में तिल की खेती मुख्य रूप से सौराष्ट्र और उत्तरी गुजरात के क्षेत्रों में की जाती है, जहाँ की जलवायु और मिट्टी इसके लिए अत्यंत अनुकूल है। तिल की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यह कम पानी और शुष्क परिस्थितियों में भी अच्छी पैदावार दे सकता है, जो इसे वर्षा आधारित खेती के लिए एक आदर्श विकल्प बनाता है। गुजरात के सफेद तिल अपनी शुद्धता और स्वाद के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजारों में बहुत लोकप्रिय हैं। तिल की खेती न केवल छोटे किसानों के लिए एक महत्वपूर्ण नकदी फसल है, बल्कि यह कम समय में तैयार होने वाली फसल भी है। तिल का उपयोग खाद्य तेल, कन्फेक्शनरी, बेकरी और स्वास्थ्यवर्धक उत्पादों में बड़े पैमाने पर किया जाता है। गुजरात में किसान खरीफ और जायद (गर्मी) दोनों मौसमों में तिल उगाते हैं। अच्छी पैदावार के लिए जल निकासी वाली मिट्टी का होना अनिवार्य है, क्योंकि जलभराव से फसल को नुकसान हो सकता है। एक कृषि विशेषज्ञ के रूप में, मेरा सुझाव है कि किसान उच्च उपज वाली किस्मों का चयन करें और एकीकृत कीट प्रबंधन (IPM) अपनाएं। बाजार में बेहतर मूल्य प्राप्त करने के लिए फसल की कटाई के समय और उसके बाद की सफाई पर विशेष ध्यान देना चाहिए। नमी का स्तर कम रखना और ग्रेडिंग करना सीधे तौर पर एपीएमसी (APMC) में मिलने वाली कीमत को प्रभावित करता है। जैविक खेती की बढ़ती मांग को देखते हुए, बिना कीटनाशक वाले तिल का उत्पादन किसानों के लिए एक बड़ा अवसर है। उचित भंडारण और वैज्ञानिक प्रबंधन से किसान न केवल अपनी आय बढ़ा सकते हैं, बल्कि गुजरात को तिल उत्पादन में वैश्विक स्तर पर और अधिक मजबूत बना सकते हैं। सही तकनीक और बाजार की समझ के साथ, तिल की खेती किसानों के लिए एक अत्यंत लाभदायक व्यवसाय साबित हो सकती है।
बुवाई और कटाई 🌾 बुवाई: खरीफ: जून-जुलाई; जायद (गर्मी): फरवरी-मार्च ✂️ कटाई: खरीफ: सितंबर-अक्टूबर; जायद (गर्मी): मई-जून
उपयुक्त मिट्टी का प्रकार 🪨 तटस्थ pH वाली अच्छी जल निकासी वाली दोमट या बलुई दोमट मिट्टी
भंडारण और संरक्षण 🏠 ठंडी, सूखी और हवादार जगह पर भंडारण करें; नमी और कीटों से बचने के लिए एयरटाइट कंटेनर या उपचारित बोरियों का उपयोग करें।
📢
messages.farmer_advisory • तिल (तिल, गिंगेली, तिल)

["\u092d\u0902\u0921\u093e\u0930\u0923 \u0938\u0947 \u092a\u0939\u0932\u0947 \u0928\u092e\u0940 \u0915\u0940 \u092e\u093e\u0924\u094d\u0930\u093e 8% \u0938\u0947 \u0915\u092e \u0938\u0941\u0928\u093f\u0936\u094d\u091a\u093f\u0924 \u0915\u0930\u0947\u0902 \u0924\u093e\u0915\u093f \u092b\u092b\u0942\u0902\u0926 \u0928 \u0932\u0917\u0947\u0964","\u092a\u094d\u0930\u0940\u092e\u093f\u092f\u092e \u092e\u0942\u0932\u094d\u092f \u092a\u094d\u0930\u093e\u092a\u094d\u0924 \u0915\u0930\u0928\u0947 \u0915\u0947 \u0932\u093f\u090f \u0917\u094d\u0930\u0947\u0921\u093f\u0902\u0917 \u0915\u0930\u0915\u0947 \u0938\u092e\u093e\u0928 \u0906\u0915\u093e\u0930 \u0915\u0947 \u0926\u093e\u0928\u094b\u0902 \u0915\u094b \u0905\u0932\u0917 \u0915\u0930\u0947\u0902\u0964","\u0927\u0942\u0932, \u0915\u0902\u0915\u0921\u093c \u0914\u0930 \u0915\u091a\u0930\u0947 \u0915\u094b \u0939\u091f\u093e\u0928\u0947 \u0915\u0947 \u0932\u093f\u090f \u092b\u0938\u0932 \u0915\u0940 \u0905\u091a\u094d\u091b\u0940 \u0924\u0930\u0939 \u0938\u092b\u093e\u0908 \u0915\u0930\u0947\u0902\u0964","\u090f\u092a\u0940\u090f\u092e\u0938\u0940 (APMC) \u0915\u0947 \u092c\u093e\u091c\u093e\u0930 \u092d\u093e\u0935 \u092a\u0930 \u0928\u091c\u0930 \u0930\u0916\u0947\u0902 \u0914\u0930 \u0915\u091f\u093e\u0908 \u0915\u0947 \u0924\u0941\u0930\u0902\u0924 \u092c\u093e\u0926 \u091c\u0932\u094d\u0926\u092c\u093e\u091c\u0940 \u092e\u0947\u0902 \u092c\u093f\u0915\u094d\u0930\u0940 \u0928 \u0915\u0930\u0947\u0902\u0964","\u0915\u0940\u091f\u094b\u0902 \u0938\u0947 \u092c\u091a\u093e\u0928\u0947 \u0915\u0947 \u0932\u093f\u090f \u0928\u092e\u0940-\u0930\u094b\u0927\u0940 \u092c\u094b\u0930\u093f\u092f\u094b\u0902 \u092f\u093e \u0938\u093e\u0907\u0932\u094b \u092e\u0947\u0902 \u0939\u0940 \u092d\u0902\u0921\u093e\u0930\u0923 \u0915\u0930\u0947\u0902\u0964"]

📈 7-दिवसीय मूल्य रुझान

प्रति 20 किलो

तिल (तिल, गिंगेली, तिल) का व्यापार करने वाली अन्य मंडियां (भाग 2)

संबंधित मार्केट यार्ड

विज्ञापन Google AdSense Space
❓ किसान सहायता केंद्र

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राजकोट, गोंडल और जूनागढ़ जैसे प्रमुख बाजारों में तिल का वर्तमान औसत मॉडल भाव ₹2,507 प्रति क्विंटल है।
बाजार में तिल के भाव वर्तमान में न्यूनतम ₹1,531 से लेकर अधिकतम ₹3,900 प्रति क्विंटल तक हैं।
अधिक नमी तिल की गुणवत्ता को कम करती है। अच्छा भाव पाने के लिए नमी का स्तर 8% से कम रखना चाहिए।
ग्रेडिंग दाने के आकार, रंग की एकरूपता, शुद्धता (कंकड़ या कचरा न होना) और तेल की मात्रा पर आधारित होती है। साफ और बड़े दाने अधिक दाम दिलाते हैं।
तिल को ठंडी, सूखी और हवादार जगह पर रखें। नमी-रोधी बोरियों का उपयोग करें ताकि तेल खराब न हो।
स्मार्ट खेड़ूत प्लेटफॉर्म पर भाव के रुझान देखें। जब बाजार में आवक मध्यम हो और तेल मिलों की मांग अधिक हो, तब बेचना फायदेमंद होता है।
हाँ, भारत सरकार हर साल तिल के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) घोषित करती है। APMC भाव से तुलना करने के लिए नवीनतम सरकारी अधिसूचनाएं देखें।
APMC में माल ले जाने से पहले उसे अच्छी तरह साफ और ग्रेडिंग करें। कचरा और धूल हटाने से ग्रेड में सुधार होता है और व्यापारियों द्वारा बेहतर भाव मिलता है।

🔗 किसानों के लिए अन्य उपयोगी जानकारी

मौसम पूर्वानुमान, सरकारी सब्सिडी और कृषि से जुड़े अन्य साधनों का लाभ उठाएं।