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फसल ऊंची भाव सीमा

तिल (तिल, गिंगेली, तिल) APMC मंडी भाव

गुजरात की विभिन्न APMC मंडियों में तिल (तिल, गिंगेली, तिल) के नवीनतम बाजार भाव।

• प्रति 20 किलो

तिल (तिल, गिंगेली, तिल) मंडी भाव सारांश

4 भाव रिकॉर्ड
सबसे अधिक भाव ₹3,640
सबसे कम भाव ₹1,800
औसत मॉडल भाव ₹2,477

जब तक अलग से उल्लेख न हो, सभी भाव 20 किलोग्राम के हिसाब से दिखाए जाते हैं।

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नवीनतम मंडी विश्लेषण

नवीनतम तिल (तिल, गिंगेली, तिल) मंडी डेटा के अनुसार 20 किलोग्राम पर सबसे अधिक दर्ज भाव ₹3,640 है और 4 मंडी रिकॉर्ड में औसत मॉडल भाव ₹2,477 है। वर्तमान बाजार स्थिति: ऊंची भाव सीमा।

भाव की इकाई APMC मंडी डेटा
APMC मंडी भाव

तिल (तिल, गिंगेली, तिल) गुजरात की मंडियों के बाजार भाव

गुजरात की APMC मंडी यार्ड में न्यूनतम, अधिकतम और मॉडल भाव की तुलना करें। भाव सामान्यतः 20 किलोग्राम के हिसाब से दिखाए जाते हैं।

4 भाव रिकॉर्ड
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फसल

गुजरात में तिल (तिल, गिंगेली, तिल) के बाजार भाव और व्यापार की जानकारी

तिल (Sesamum indicum) भारत और विशेष रूप से गुजरात के कृषि परिदृश्य में एक प्रमुख तिलहन फसल है। इसे 'तिलहनों की रानी' कहा जाता है क्योंकि इसमें उच्च गुणवत्ता वाला तेल और पोषक तत्व प्रचुर मात्रा में होते हैं। गुजरात में तिल की खेती मुख्य रूप से सौराष्ट्र और उत्तरी गुजरात के क्षेत्रों में की जाती है, जहाँ की जलवायु और मिट्टी इसके लिए अत्यंत अनुकूल है। तिल की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यह कम पानी और शुष्क परिस्थितियों में भी अच्छी पैदावार दे सकता है, जो इसे वर्षा आधारित खेती के लिए एक आदर्श विकल्प बनाता है। गुजरात के सफेद तिल अपनी शुद्धता और स्वाद के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजारों में बहुत लोकप्रिय हैं। तिल की खेती न केवल छोटे किसानों के लिए एक महत्वपूर्ण नकदी फसल है, बल्कि यह कम समय में तैयार होने वाली फसल भी है। तिल का उपयोग खाद्य तेल, कन्फेक्शनरी, बेकरी और स्वास्थ्यवर्धक उत्पादों में बड़े पैमाने पर किया जाता है। गुजरात में किसान खरीफ और जायद (गर्मी) दोनों मौसमों में तिल उगाते हैं। अच्छी पैदावार के लिए जल निकासी वाली मिट्टी का होना अनिवार्य है, क्योंकि जलभराव से फसल को नुकसान हो सकता है। एक कृषि विशेषज्ञ के रूप में, मेरा सुझाव है कि किसान उच्च उपज वाली किस्मों का चयन करें और एकीकृत कीट प्रबंधन (IPM) अपनाएं। बाजार में बेहतर मूल्य प्राप्त करने के लिए फसल की कटाई के समय और उसके बाद की सफाई पर विशेष ध्यान देना चाहिए। नमी का स्तर कम रखना और ग्रेडिंग करना सीधे तौर पर एपीएमसी (APMC) में मिलने वाली कीमत को प्रभावित करता है। जैविक खेती की बढ़ती मांग को देखते हुए, बिना कीटनाशक वाले तिल का उत्पादन किसानों के लिए एक बड़ा अवसर है। उचित भंडारण और वैज्ञानिक प्रबंधन से किसान न केवल अपनी आय बढ़ा सकते हैं, बल्कि गुजरात को तिल उत्पादन में वैश्विक स्तर पर और अधिक मजबूत बना सकते हैं। सही तकनीक और बाजार की समझ के साथ, तिल की खेती किसानों के लिए एक अत्यंत लाभदायक व्यवसाय साबित हो सकती है।

अपनी फसल बेचने जाने से पहले आसपास की मंडियों के भावों की तुलना करना बहुत जरूरी है। इससे आपको बाजार का ट्रेंड समझने और बिचौलियों से बचकर अपनी उपज का सर्वोत्तम मुनाफा प्राप्त करने में मदद मिलती है।

बुवाई का मौसम

🌱 खरीफ: जून-जुलाई; जायद (गर्मी): फरवरी-मार्च

कटाई का मौसम

🌾 खरीफ: सितंबर-अक्टूबर; जायद (गर्मी): मई-जून

उपयुक्त मिट्टी

🪨 तटस्थ pH वाली अच्छी जल निकासी वाली दोमट या बलुई दोमट मिट्टी

भंडारण और संरक्षण

🏠 ठंडी, सूखी और हवादार जगह पर भंडारण करें; नमी और कीटों से बचने के लिए एयरटाइट कंटेनर या उपचारित बोरियों का उपयोग करें।

उपयोग

🌿 खाद्य तेल निष्कर्षण, बेकरी उत्पाद, कन्फेक्शनरी (चिक्की/लड्डू) और निर्यात के लिए।

APMC भाव गाइड

APMC मंडी भाव कैसे समझें?

मंडी भाव की आसान तुलना के लिए कीमतें 20 किलोग्राम के हिसाब से दिखाई जाती हैं।

न्यूनतम भाव

न्यूनतम भाव उपलब्ध मंडी डेटा के अनुसार फसल का सबसे कम दर्ज किया गया बाजार भाव है।

अधिकतम भाव

अधिकतम भाव उपलब्ध मंडी डेटा के अनुसार फसल का सबसे अधिक दर्ज किया गया बाजार भाव है।

औसत भाव

मॉडल भाव बाजार में सबसे सामान्य रूप से दर्ज किया गया भाव है और किसानों के लिए संदर्भ भाव के रूप में उपयोगी है।

महत्वपूर्ण जानकारी

मंडी भाव आवक, फसल की गुणवत्ता, मांग, आपूर्ति और स्थानीय बाजार की स्थिति के अनुसार बदल सकते हैं। फसल बेचने से पहले नवीनतम भाव की पुष्टि करें।

किसान सलाह

तिल (तिल, गिंगेली, तिल) खेती सलाह

["खेत में उचित जल निकासी सुनिश्चित करें ताकि जलभराव न हो, क्योंकि अत्यधिक नमी जड़ सड़न और उपज में कमी का कारण बनती है।","प्रीमियम बाजार मानकों को पूरा करने और उच्च मूल्य प्राप्त करने के लिए बीज को आकार और रंग की एकरूपता के आधार पर ग्रेड करें।","फंगल विकास को रोकने के लिए भंडारण से पहले धूल, पत्थरों और पौधों के मलबे को हटाने के लिए कटाई किए गए बीजों को अच्छी तरह साफ करें।","बाजार के रुझानों पर नजर रखें और जल्दबाजी में बिक्री से बचें; जब बाजार की कीमतें अनुकूल हों तो बेचने के लिए उपज का उचित भंडारण करें।","तेल की गुणवत्ता बनाए रखने और खराब होने से बचाने के लिए बीजों को नमी-रोधी बैग का उपयोग करके ठंडी, सूखी और हवादार जगह पर रखें।"]

भाव का रुझान

7 दिनों का बाजार भाव रुझान

प्रति 20 किलो

पिछले 7 दिनों में तिल (तिल, गिंगेली, तिल) के औसत मॉडल भाव का रुझान। भाव 20 किलोग्राम के हिसाब से दिखाए जाते हैं।

20 किलो के अनुसार पिछले 7 दिन
किसान उपयोगी जानकारी
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किसान सहायता केंद्र

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राजकोट, गोंडल और जूनागढ़ जैसे प्रमुख बाजारों में तिल का वर्तमान औसत मॉडल भाव ₹2,507 प्रति क्विंटल है।
बाजार में तिल के भाव वर्तमान में न्यूनतम ₹1,531 से लेकर अधिकतम ₹3,900 प्रति क्विंटल तक हैं।
अधिक नमी तिल की गुणवत्ता को कम करती है। अच्छा भाव पाने के लिए नमी का स्तर 8% से कम रखना चाहिए।
ग्रेडिंग दाने के आकार, रंग की एकरूपता, शुद्धता (कंकड़ या कचरा न होना) और तेल की मात्रा पर आधारित होती है। साफ और बड़े दाने अधिक दाम दिलाते हैं।
तिल को ठंडी, सूखी और हवादार जगह पर रखें। नमी-रोधी बोरियों का उपयोग करें ताकि तेल खराब न हो।
स्मार्ट खेड़ूत प्लेटफॉर्म पर भाव के रुझान देखें। जब बाजार में आवक मध्यम हो और तेल मिलों की मांग अधिक हो, तब बेचना फायदेमंद होता है।
हाँ, भारत सरकार हर साल तिल के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) घोषित करती है। APMC भाव से तुलना करने के लिए नवीनतम सरकारी अधिसूचनाएं देखें।
APMC में माल ले जाने से पहले उसे अच्छी तरह साफ और ग्रेडिंग करें। कचरा और धूल हटाने से ग्रेड में सुधार होता है और व्यापारियों द्वारा बेहतर भाव मिलता है।
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🔗 किसानों के लिए अन्य उपयोगी जानकारी

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