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फसल ऊंची भाव सीमा

लाल चना/अरहर/तूर (साबुत) APMC मंडी भाव

गुजरात की विभिन्न APMC मंडियों में लाल चना/अरहर/तूर (साबुत) के नवीनतम बाजार भाव।

• प्रति 20 किलो

लाल चना/अरहर/तूर (साबुत) मंडी भाव सारांश

3 भाव रिकॉर्ड
सबसे अधिक भाव ₹1,736
सबसे कम भाव ₹1,000
औसत मॉडल भाव ₹1,500

जब तक अलग से उल्लेख न हो, सभी भाव 20 किलोग्राम के हिसाब से दिखाए जाते हैं।

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नवीनतम मंडी विश्लेषण

नवीनतम लाल चना/अरहर/तूर (साबुत) मंडी डेटा के अनुसार 20 किलोग्राम पर सबसे अधिक दर्ज भाव ₹1,736 है और 3 मंडी रिकॉर्ड में औसत मॉडल भाव ₹1,500 है। वर्तमान बाजार स्थिति: ऊंची भाव सीमा।

भाव की इकाई APMC मंडी डेटा
APMC मंडी भाव

लाल चना/अरहर/तूर (साबुत) गुजरात की मंडियों के बाजार भाव

गुजरात की APMC मंडी यार्ड में न्यूनतम, अधिकतम और मॉडल भाव की तुलना करें। भाव सामान्यतः 20 किलोग्राम के हिसाब से दिखाए जाते हैं।

3 भाव रिकॉर्ड
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फसल

गुजरात में लाल चना/अरहर/तूर (साबुत) के बाजार भाव और व्यापार की जानकारी

लाल चना, जिसे आमतौर पर अरहर या तूर के रूप में जाना जाता है, गुजरात में एक महत्वपूर्ण दलहनी फसल है, जो राज्य की कृषि अर्थव्यवस्था और आहार संबंधी आदतों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। यह एक सूखा-सहिष्णु और गहरी जड़ों वाली फसल है, जो गुजरात के अर्ध-शुष्क क्षेत्रों, विशेष रूप से वड़ोदरा, भरूच और पंचमहल जैसे जिलों में अच्छी तरह से पनपती है। तूर की खेती को वायुमंडलीय नाइट्रोजन को मिट्टी में स्थिर करने की क्षमता के लिए अत्यधिक मूल्यवान माना जाता है, जो बाद की फसलों के लिए मिट्टी की उर्वरता में सुधार करती है। गुजरात में, यह फसल मुख्य रूप से खरीफ सीजन के दौरान वर्षा आधारित परिस्थितियों में उगाई जाती है। पौधे को गर्म जलवायु की आवश्यकता होती है और यह पाले और जलभराव के प्रति संवेदनशील होता है। गुजरात के किसान अक्सर कपास या मूंगफली के साथ अंतर-फसल पद्धति अपनाते हैं, जो भूमि के उपयोग को अधिकतम करती है और फसल की विफलता के खिलाफ सुरक्षा प्रदान करती है। गुजरात में तूर का बाजार महत्व बहुत अधिक है, क्योंकि यह आबादी के लिए प्रोटीन का एक प्रमुख स्रोत है। पूरे वर्ष मांग लगातार बनी रहती है, जिससे यह एक लाभदायक नकदी फसल बन जाती है। उच्च उपज देने वाली और उकठा रोग प्रतिरोधी किस्मों का उपयोग और फली छेदक कीटों को नियंत्रित करने के लिए एकीकृत कीट प्रबंधन (IPM) जैसी आधुनिक कृषि पद्धतियों ने उत्पादकता में काफी वृद्धि की है। कटाई के बाद, फसल को दाल बनाने के लिए संसाधित किया जाता है, जो पारंपरिक गुजराती आहार के लिए आवश्यक है। एक 'स्मार्ट खेड़ूत' के रूप में, लाभप्रदता को अधिकतम करने के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) और स्थानीय कीमतों पर आयात के प्रभाव जैसी बाजार की गतिशीलता को समझना महत्वपूर्ण है। गुणवत्ता बनाए रखने के लिए उचित सुखाना और भंडारण आवश्यक है, क्योंकि उच्च नमी की मात्रा कवक के विकास और कीटों के संक्रमण का कारण बन सकती है, जिससे APMC में बाजार मूल्य काफी कम हो जाता है। वैज्ञानिक खेती के तरीकों को अपनाकर और कटाई के बाद की गुणवत्ता पर ध्यान केंद्रित करके, किसान बेहतर रिटर्न सुनिश्चित कर सकते हैं और राज्य की खाद्य सुरक्षा में योगदान दे सकते हैं।

अपनी फसल बेचने जाने से पहले आसपास की मंडियों के भावों की तुलना करना बहुत जरूरी है। इससे आपको बाजार का ट्रेंड समझने और बिचौलियों से बचकर अपनी उपज का सर्वोत्तम मुनाफा प्राप्त करने में मदद मिलती है।

बुवाई का मौसम

🌱 जून से जुलाई (खरीफ)

कटाई का मौसम

🌾 दिसंबर से फरवरी

उपयुक्त मिट्टी

🪨 तटस्थ pH वाली अच्छी जल निकासी वाली दोमट से चिकनी मिट्टी

भंडारण और संरक्षण

🏠 बीजों को 9-10% नमी तक सुखाएं, हर्मेटिक स्टोरेज बैग का उपयोग करें और नीम के तेल या अनुमोदित जैविक सुरक्षाकों से उपचारित करें।

उपयोग

🌿 दाल के रूप में मानव उपभोग, प्रोटीन युक्त पशु आहार और मिट्टी में नाइट्रोजन संवर्धन के लिए।

APMC भाव गाइड

APMC मंडी भाव कैसे समझें?

मंडी भाव की आसान तुलना के लिए कीमतें 20 किलोग्राम के हिसाब से दिखाई जाती हैं।

न्यूनतम भाव

न्यूनतम भाव उपलब्ध मंडी डेटा के अनुसार फसल का सबसे कम दर्ज किया गया बाजार भाव है।

अधिकतम भाव

अधिकतम भाव उपलब्ध मंडी डेटा के अनुसार फसल का सबसे अधिक दर्ज किया गया बाजार भाव है।

औसत भाव

मॉडल भाव बाजार में सबसे सामान्य रूप से दर्ज किया गया भाव है और किसानों के लिए संदर्भ भाव के रूप में उपयोगी है।

महत्वपूर्ण जानकारी

मंडी भाव आवक, फसल की गुणवत्ता, मांग, आपूर्ति और स्थानीय बाजार की स्थिति के अनुसार बदल सकते हैं। फसल बेचने से पहले नवीनतम भाव की पुष्टि करें।

किसान सलाह

लाल चना/अरहर/तूर (साबुत) खेती सलाह

["भंडारण से पहले फंगल विकास को रोकने के लिए बीजों को 9-10% नमी तक सुखाना सुनिश्चित करें।","APMC बाजारों में प्रीमियम मूल्य प्राप्त करने के लिए आकार और रंग के आधार पर उपज का वर्गीकरण करें।","पैकिंग से पहले धूल, पत्थरों और पौधों के मलबे को हटाने के लिए कटाई किए गए अनाज को अच्छी तरह साफ करें।","बाजार के रुझानों पर नजर रखें और कटाई के तुरंत बाद जल्दबाजी में बिक्री से बचें; भंडारण करें और कीमतों के स्थिर होने पर बेचें।","दाल के घुन (pulse beetles) और नमी से बचाने के लिए भंडारण के लिए एयरटाइट कंटेनर या हर्मेटिक बैग का उपयोग करें।"]

भाव का रुझान

7 दिनों का बाजार भाव रुझान

प्रति 20 किलो

पिछले 7 दिनों में लाल चना/अरहर/तूर (साबुत) के औसत मॉडल भाव का रुझान। भाव 20 किलोग्राम के हिसाब से दिखाए जाते हैं।

20 किलो के अनुसार पिछले 7 दिन
किसान उपयोगी जानकारी
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किसान सहायता केंद्र

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राजकोट, गोंडल और जूनागढ़ जैसे प्रमुख गुजरात बाजारों में अरहर (साबुत) का वर्तमान औसत मॉडल भाव ₹1,285 प्रति 20 किलो है।
अरहर के बाजार भाव वर्तमान में गुणवत्ता और मांग के आधार पर न्यूनतम ₹400 से अधिकतम ₹1,739 प्रति 20 किलो के बीच हैं।
खराब होने और कीटों से बचाने के लिए अरहर में नमी की मात्रा 10-12% से कम होनी चाहिए।
आकार, रंग और कचरे से मुक्त अरहर की ग्रेडिंग करने से किसानों को कम भाव के बजाय ₹1,739 तक का अधिकतम मूल्य मिल सकता है।
अरहर को साफ, सूखी और हवादार जगह पर लकड़ी के पैलेट पर रखें और कीट नियंत्रण के लिए नीम की पत्तियों या स्वीकृत दवाओं का उपयोग करें।
स्मार्ट खेड़ूत पर दैनिक मूल्य रुझानों की निगरानी करें और जब मॉडल मूल्य स्थिर या बढ़ रहा हो, तब बिक्री करना उचित है।
किसानों को अपने निवेश पर उचित रिटर्न सुनिश्चित करने के लिए वर्तमान मॉडल मूल्य ₹1,285 की तुलना सरकार द्वारा घोषित न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) से करनी चाहिए।
अपनी उपज को APMC ले जाने से पहले उसे साफ करें और धूल, पत्थर व क्षतिग्रस्त दानों को हटा दें, इससे आपको अधिकतम मूल्य मिलने की संभावना बढ़ जाती है।
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