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फसल स्थिर

राजगीर APMC मंडी भाव

गुजरात की विभिन्न APMC मंडियों में राजगीर के नवीनतम बाजार भाव।

• प्रति 20 किलो

राजगीर मंडी भाव सारांश

2 भाव रिकॉर्ड
सबसे अधिक भाव ₹1,811
सबसे कम भाव ₹1,700
औसत मॉडल भाव ₹1,790

जब तक अलग से उल्लेख न हो, सभी भाव 20 किलोग्राम के हिसाब से दिखाए जाते हैं।

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नवीनतम मंडी विश्लेषण

नवीनतम राजगीर मंडी डेटा के अनुसार 20 किलोग्राम पर सबसे अधिक दर्ज भाव ₹1,811 है और 2 मंडी रिकॉर्ड में औसत मॉडल भाव ₹1,790 है। वर्तमान बाजार स्थिति: स्थिर।

भाव की इकाई APMC मंडी डेटा
APMC मंडी भाव

राजगीर गुजरात की मंडियों के बाजार भाव

गुजरात की APMC मंडी यार्ड में न्यूनतम, अधिकतम और मॉडल भाव की तुलना करें। भाव सामान्यतः 20 किलोग्राम के हिसाब से दिखाए जाते हैं।

2 भाव रिकॉर्ड
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फसल

गुजरात में राजगीर के बाजार भाव और व्यापार की जानकारी

राजगीर, जिसे वैज्ञानिक रूप से 'एमरेन्थस कोडाटस' के रूप में जाना जाता है, गुजरात के कृषि परिदृश्य में एक अत्यधिक पौष्टिक और महत्वपूर्ण फसल है। इसे 'रामदाना' के नाम से भी जाना जाता है। गुजरात के उत्तरी भागों और सौराष्ट्र जैसे अर्ध-शुष्क क्षेत्रों में, जहाँ पानी की कमी रहती है, राजगीर की खेती एक वरदान है। यह फसल कम सिंचाई में भी अच्छी उपज देती है और कीटों के प्रति प्रतिरोधी है, जो इसे टिकाऊ खेती के लिए एक आदर्श विकल्प बनाती है। स्मार्ट खेदूत पोर्टल के माध्यम से, हम किसानों को बताना चाहते हैं कि राजगीर केवल एक खाद्य फसल नहीं है, बल्कि एपीएमसी (APMC) बाजारों में उच्च मूल्य प्राप्त करने वाली एक महत्वपूर्ण कमोडिटी है। राजगीर प्रोटीन, फाइबर, आयरन और मैग्नीशियम जैसे पोषक तत्वों से भरपूर है, जिसके कारण स्वास्थ्य के प्रति जागरूक उपभोक्ताओं और खाद्य प्रसंस्करण उद्योगों में इसकी मांग लगातार बढ़ रही है। गुजरात में आमतौर पर राजगीर की बुवाई खरीफ के मौसम में की जाती है। यह पौधा 1 से 2 मीटर तक बढ़ता है और इसके फूल बहुत आकर्षक होते हैं। किसानों के लिए लाभप्रदता का मुख्य आधार फसल कटाई के बाद का प्रबंधन है। बीज बहुत छोटे होने के कारण, कटाई के समय सावधानी बरतना आवश्यक है ताकि दाने झड़ें नहीं। बाजार में राजगीर की कीमत उसकी शुद्धता, कचरे की अनुपस्थिति और नमी की मात्रा पर निर्भर करती है। ग्लूटेन-मुक्त अनाज की बढ़ती मांग को देखते हुए, गुजरात के किसान पारंपरिक फसलों के विकल्प के रूप में राजगीर की ओर रुख कर रहे हैं। वैज्ञानिक विधियों जैसे उचित दूरी, समय पर निराई और नमी नियंत्रण को अपनाकर किसान प्रति हेक्टेयर उत्पादन में काफी वृद्धि कर सकते हैं। स्मार्ट खेदूत पहल किसानों को जैविक प्रमाणन प्राप्त करने के लिए प्रोत्साहित करती है, क्योंकि जैविक राजगीर को घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में प्रीमियम मूल्य मिलता है। यह फसल कम उपजाऊ मिट्टी में भी उग सकती है, जो सीमित सिंचाई वाले किसानों के लिए बहुत फायदेमंद है। जलवायु परिवर्तन के इस दौर में, राजगीर एक ऐसी फसल है जो पोषण सुरक्षा और आर्थिक समृद्धि दोनों प्रदान करती है।

अपनी फसल बेचने जाने से पहले आसपास की मंडियों के भावों की तुलना करना बहुत जरूरी है। इससे आपको बाजार का ट्रेंड समझने और बिचौलियों से बचकर अपनी उपज का सर्वोत्तम मुनाफा प्राप्त करने में मदद मिलती है।

बुवाई का मौसम

🌱 खरीफ (जून-जुलाई)

कटाई का मौसम

🌾 अक्टूबर-नवंबर

उपयुक्त मिट्टी

🪨 तटस्थ pH वाली अच्छी जल निकासी वाली रेतीली दोमट मिट्टी

भंडारण और संरक्षण

🏠 ठंडी, सूखी और हवादार जगह पर भंडारण करें; भंडारण कीटों को रोकने के लिए नीम की पत्तियों या जैविक कीट विकर्षक का उपयोग करें.

उपयोग

🌿 हेल्थ फूड, ग्लूटेन-मुक्त आटा, स्नैक्स (चिक्की/लड्डू) और उच्च प्रोटीन आहार पूरक के रूप में उपयोग।

APMC भाव गाइड

APMC मंडी भाव कैसे समझें?

मंडी भाव की आसान तुलना के लिए कीमतें 20 किलोग्राम के हिसाब से दिखाई जाती हैं।

न्यूनतम भाव

न्यूनतम भाव उपलब्ध मंडी डेटा के अनुसार फसल का सबसे कम दर्ज किया गया बाजार भाव है।

अधिकतम भाव

अधिकतम भाव उपलब्ध मंडी डेटा के अनुसार फसल का सबसे अधिक दर्ज किया गया बाजार भाव है।

औसत भाव

मॉडल भाव बाजार में सबसे सामान्य रूप से दर्ज किया गया भाव है और किसानों के लिए संदर्भ भाव के रूप में उपयोगी है।

महत्वपूर्ण जानकारी

मंडी भाव आवक, फसल की गुणवत्ता, मांग, आपूर्ति और स्थानीय बाजार की स्थिति के अनुसार बदल सकते हैं। फसल बेचने से पहले नवीनतम भाव की पुष्टि करें।

किसान सलाह

राजगीर खेती सलाह

1. भंडारण से पहले नमी की मात्रा 8% से कम रखें ताकि फफूंद न लगे। 2. बाजार में बेहतर मूल्य प्राप्त करने के लिए मैकेनिकल ग्रेडिंग द्वारा धूल, पत्थर और कच्चे दानों को हटा दें। 3. भंडारण के दौरान कीटों से बचने के लिए साफ और एयरटाइट बोरियों या साइलो का उपयोग करें। 4. कटाई के तुरंत बाद बिक्री करने के बजाय, बाजार में मांग बढ़ने पर बिक्री की योजना बनाएं। 5. एपीएमसी में ले जाने से पहले पंखे की मदद से दानों को अच्छी तरह साफ करें ताकि कचरा और हल्के दाने निकल जाएं।

भाव का रुझान

7 दिनों का बाजार भाव रुझान

प्रति 20 किलो

पिछले 7 दिनों में राजगीर के औसत मॉडल भाव का रुझान। भाव 20 किलोग्राम के हिसाब से दिखाए जाते हैं।

20 किलो के अनुसार पिछले 7 दिन
किसान उपयोगी जानकारी
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किसान सहायता केंद्र

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राजकोट, गोंडल और जूनागढ़ जैसे प्रमुख बाजारों में राजगीर का वर्तमान औसत मॉडल भाव ₹1,778 प्रति क्विंटल है।
वर्तमान में राजगीर का भाव न्यूनतम ₹1,351 से अधिकतम ₹1,915 प्रति क्विंटल के बीच चल रहा है।
अधिक नमी से राजगीर की गुणवत्ता खराब हो सकती है। व्यापारी 10-12% से कम नमी वाले अनाज को प्राथमिकता देते हैं और बेहतर दाम देते हैं।
ग्रेडिंग दाने के आकार, रंग की एकरूपता और कचरे की अनुपस्थिति पर आधारित होती है। साफ और चमकदार दानों को बाजार में ऊंचे दाम मिलते हैं।
राजगीर को ठंडी, सूखी और हवादार जगह पर रखें। नमी-रोधी बोरियों का उपयोग करें और भंडारण क्षेत्र को कीटों से मुक्त रखें।
वर्तमान में राजगीर के लिए सरकार द्वारा कोई न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) घोषित नहीं है। भाव बाजार की मांग और आपूर्ति पर निर्भर करते हैं।
राजकोट, गोंडल और जूनागढ़ एपीएमसी (APMC) राजगीर के व्यापार के लिए प्रमुख बाजार हैं।
एपीएमसी में ले जाने से पहले अपनी उपज को अच्छी तरह साफ करें ताकि धूल और कंकड़ निकल जाएं। मांग अधिक होने पर बिक्री करने से बेहतर दाम मिल सकते हैं।
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