मुख्य सामग्री पर जाएं
फसल ऊंची भाव सीमा

लंबा तरबूज (काकरी) APMC मंडी भाव

गुजरात की विभिन्न APMC मंडियों में लंबा तरबूज (काकरी) के नवीनतम बाजार भाव।

• प्रति 20 किलो

लंबा तरबूज (काकरी) मंडी भाव सारांश

1 भाव रिकॉर्ड
सबसे अधिक भाव ₹400
सबसे कम भाव ₹300
औसत मॉडल भाव ₹350

जब तक अलग से उल्लेख न हो, सभी भाव 20 किलोग्राम के हिसाब से दिखाए जाते हैं।

विज्ञापन

नवीनतम मंडी विश्लेषण

नवीनतम लंबा तरबूज (काकरी) मंडी डेटा के अनुसार 20 किलोग्राम पर सबसे अधिक दर्ज भाव ₹400 है और 1 मंडी रिकॉर्ड में औसत मॉडल भाव ₹350 है। वर्तमान बाजार स्थिति: ऊंची भाव सीमा।

भाव की इकाई APMC मंडी डेटा
APMC मंडी भाव

लंबा तरबूज (काकरी) गुजरात की मंडियों के बाजार भाव

गुजरात की APMC मंडी यार्ड में न्यूनतम, अधिकतम और मॉडल भाव की तुलना करें। भाव सामान्यतः 20 किलोग्राम के हिसाब से दिखाए जाते हैं।

1 भाव रिकॉर्ड
भेज रहे हैं...
विज्ञापन
फसल

गुजरात में लंबा तरबूज (काकरी) के बाजार भाव और व्यापार की जानकारी

लंबा तरबूज, जिसे स्थानीय रूप से 'काकरी' कहा जाता है, गुजरात में गर्मियों के दौरान उगाई जाने वाली एक महत्वपूर्ण सब्जी है। यह अपनी शीतलता और उच्च जल सामग्री के कारण गर्मियों में अत्यधिक मांग में रहती है। गुजरात के शुष्क और अर्ध-शुष्क क्षेत्रों में काकरी की खेती बहुत लोकप्रिय है। फरवरी से जून के बीच, जब तापमान अधिक होता है, यह फसल 60 से 75 दिनों के भीतर कटाई के लिए तैयार हो जाती है। छोटे और सीमांत किसानों के लिए यह कम निवेश में अधिक लाभ देने वाली फसल है। अहमदाबाद, सूरत और राजकोट जैसे शहरों की मंडियों में काकरी की मांग सलाद और रायता के रूप में हमेशा बनी रहती है। इसकी खेती के लिए रेतीली दोमट मिट्टी सबसे उपयुक्त होती है। आजकल किसान मचान विधि (Trellis system) का उपयोग कर रहे हैं, जिससे फलों की गुणवत्ता बेहतर होती है और मिट्टी से होने वाले रोगों का खतरा कम हो जाता है। काकरी की फसल में फल मक्खी और पाउडरी मिल्ड्यू जैसे रोगों का प्रबंधन करना महत्वपूर्ण है। ड्रिप सिंचाई और मल्चिंग तकनीक का उपयोग करके किसान पानी की बचत और पैदावार में वृद्धि कर सकते हैं। काकरी न केवल आर्थिक रूप से लाभदायक है, बल्कि विटामिन और एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होने के कारण स्वास्थ्य के प्रति जागरूक उपभोक्ताओं के बीच भी लोकप्रिय है। सही समय पर कटाई और ग्रेडिंग करने से किसानों को एपीएमसी में बेहतर दाम मिलते हैं।

अपनी फसल बेचने जाने से पहले आसपास की मंडियों के भावों की तुलना करना बहुत जरूरी है। इससे आपको बाजार का ट्रेंड समझने और बिचौलियों से बचकर अपनी उपज का सर्वोत्तम मुनाफा प्राप्त करने में मदद मिलती है।

बुवाई का मौसम

🌱 फरवरी से मार्च (ग्रीष्मकालीन फसल)

कटाई का मौसम

🌾 अप्रैल से जून

उपयुक्त मिट्टी

🪨 6.5 से 7.5 pH वाली अच्छी जल निकासी वाली रेतीली दोमट मिट्टी

भंडारण और संरक्षण

🏠 10-12°C तापमान पर ठंडी और सूखी जगह पर रखें; फलों को दबने से बचाने के लिए भारी वजन एक-दूसरे पर न रखें।

उपयोग

🌿 सलाद, रायता, अचार और पारंपरिक शीतल पेय के रूप में उपयोग।

APMC भाव गाइड

APMC मंडी भाव कैसे समझें?

मंडी भाव की आसान तुलना के लिए कीमतें 20 किलोग्राम के हिसाब से दिखाई जाती हैं।

न्यूनतम भाव

न्यूनतम भाव उपलब्ध मंडी डेटा के अनुसार फसल का सबसे कम दर्ज किया गया बाजार भाव है।

अधिकतम भाव

अधिकतम भाव उपलब्ध मंडी डेटा के अनुसार फसल का सबसे अधिक दर्ज किया गया बाजार भाव है।

औसत भाव

मॉडल भाव बाजार में सबसे सामान्य रूप से दर्ज किया गया भाव है और किसानों के लिए संदर्भ भाव के रूप में उपयोगी है।

महत्वपूर्ण जानकारी

मंडी भाव आवक, फसल की गुणवत्ता, मांग, आपूर्ति और स्थानीय बाजार की स्थिति के अनुसार बदल सकते हैं। फसल बेचने से पहले नवीनतम भाव की पुष्टि करें।

किसान सलाह

लंबा तरबूज (काकरी) खेती सलाह

1. नमी नियंत्रण: फलों को फटने और कड़वा होने से बचाने के लिए ड्रिप सिंचाई के माध्यम से मिट्टी में नमी बनाए रखें। 2. ग्रेडिंग: नीलामी में बेहतर दाम पाने के लिए फलों को आकार और एकरूपता के आधार पर छांटें। 3. सफाई: फलों से मिट्टी और धूल हटाने के लिए मुलायम कपड़े का उपयोग करें; पानी से धोने से बचें ताकि सड़न न हो। 4. बाजार का समय: ताजगी बनाए रखने के लिए सुबह जल्दी कटाई करें। 5. भंडारण: शेल्फ लाइफ बढ़ाने के लिए फलों को सीधी धूप से दूर ठंडी और हवादार जगह पर रखें।

भाव का रुझान

7 दिनों का बाजार भाव रुझान

प्रति 20 किलो

पिछले 7 दिनों में लंबा तरबूज (काकरी) के औसत मॉडल भाव का रुझान। भाव 20 किलोग्राम के हिसाब से दिखाए जाते हैं।

20 किलो के अनुसार पिछले 7 दिन
किसान उपयोगी जानकारी
विज्ञापन
किसान सहायता केंद्र

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

काकरी का वर्तमान औसत मॉडल भाव ₹388 है।
कीमतें गुणवत्ता के आधार पर ₹200 (न्यूनतम) से ₹600 (अधिकतम) के बीच रहती हैं।
नहीं, काकरी एक नाशवान सब्जी है और यह सरकार की MSP योजना के अंतर्गत नहीं आती है।
आकार, रंग और ताजगी के आधार पर ग्रेडिंग करें। खराब या अधिक पकी हुई काकरी को अलग कर दें।
काकरी में पानी अधिक होता है, इसलिए इसे ठंडी और हवादार जगह पर रखें ताकि वह सूखे नहीं।
सुबह का समय सबसे अच्छा है क्योंकि ताजी काकरी के लिए अधिकतम मूल्य मिलने की संभावना रहती है।
इसे सीधी धूप से दूर रखें और ढेर न लगाएं ताकि वे दबें नहीं।
सही परिपक्वता पर कटाई करें और बाजार में ले जाने से पहले आकार के अनुसार छंटाई करें।
Smart Khedut संसाधन

🔗 किसानों के लिए अन्य उपयोगी जानकारी

मौसम पूर्वानुमान, सरकारी सब्सिडी और कृषि से जुड़े अन्य साधनों का लाभ उठाएं।