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फसल ऊंची भाव सीमा

काबुली चना (चना-सफ़ेद) APMC मंडी भाव

गुजरात की विभिन्न APMC मंडियों में काबुली चना (चना-सफ़ेद) के नवीनतम बाजार भाव।

• प्रति 20 किलो

काबुली चना (चना-सफ़ेद) मंडी भाव सारांश

2 भाव रिकॉर्ड
सबसे अधिक भाव ₹1,700
सबसे कम भाव ₹1,100
औसत मॉडल भाव ₹1,513

जब तक अलग से उल्लेख न हो, सभी भाव 20 किलोग्राम के हिसाब से दिखाए जाते हैं।

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नवीनतम मंडी विश्लेषण

नवीनतम काबुली चना (चना-सफ़ेद) मंडी डेटा के अनुसार 20 किलोग्राम पर सबसे अधिक दर्ज भाव ₹1,700 है और 2 मंडी रिकॉर्ड में औसत मॉडल भाव ₹1,513 है। वर्तमान बाजार स्थिति: ऊंची भाव सीमा।

भाव की इकाई APMC मंडी डेटा
APMC मंडी भाव

काबुली चना (चना-सफ़ेद) गुजरात की मंडियों के बाजार भाव

गुजरात की APMC मंडी यार्ड में न्यूनतम, अधिकतम और मॉडल भाव की तुलना करें। भाव सामान्यतः 20 किलोग्राम के हिसाब से दिखाए जाते हैं।

2 भाव रिकॉर्ड
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फसल

गुजरात में काबुली चना (चना-सफ़ेद) के बाजार भाव और व्यापार की जानकारी

काबुली चना, जिसे वैज्ञानिक रूप से 'सीसर एरीटिनम' कहा जाता है, चने की एक प्रीमियम किस्म है जो अपने बड़े, क्रीम रंग के और गोल दानों के लिए जानी जाती है। गुजरात में, काबुली चने की खेती ने अपनी उच्च बाजार मांग और पारंपरिक देसी किस्मों की तुलना में बेहतर निर्यात क्षमता के कारण काफी गति पकड़ी है। यह ठंडे मौसम की फसल है जो सौराष्ट्र और उत्तर गुजरात जैसे अर्ध-शुष्क क्षेत्रों की जलवायु में अच्छी तरह से पनपती है। इसके लिए 6.0 से 8.5 pH वाली अच्छी जल निकासी वाली दोमट मिट्टी सबसे उपयुक्त होती है। देसी चने के विपरीत, काबुली किस्में नमी के प्रति अधिक संवेदनशील होती हैं और उन्हें विशेष रूप से फूल आने और फली भरने के चरणों के दौरान सटीक सिंचाई प्रबंधन की आवश्यकता होती है। गुजरात के किसान अब 'गुजरात काबुली चना-1' (GK-1) जैसी अधिक उपज देने वाली किस्मों को अपना रहे हैं। काबुली चने का बाजार महत्व इसके खाद्य प्रसंस्करण उद्योग में व्यापक उपयोग के कारण है, जिसमें हमस, सलाद और उच्च-स्तरीय व्यंजन शामिल हैं। अपने सौंदर्यपूर्ण आकर्षण और बड़े आकार के कारण, यह APMC बाजारों में अन्य दालों की तुलना में प्रीमियम मूल्य प्राप्त करता है। सफल खेती के लिए फली छेदक कीटों की सावधानीपूर्वक निगरानी आवश्यक है, जो मुख्य कीट खतरा हैं। एकीकृत कीट प्रबंधन (IPM) प्रथाओं का पालन करके और बीज के रंग को खराब होने से बचाने के लिए समय पर कटाई करके, किसान अपनी लाभप्रदता में काफी सुधार कर सकते हैं। यह फसल एक उत्कृष्ट नाइट्रोजन फिक्सर भी है, जो कपास या मूंगफली जैसी अगली फसलों के लिए मिट्टी के स्वास्थ्य में सुधार करती है। जैसे-जैसे वैश्विक स्तर पर पौधों पर आधारित प्रोटीन की मांग बढ़ रही है, काबुली चना गुजरात के प्रगतिशील किसानों के लिए एक आकर्षक नकदी फसल बनी हुई है, बशर्ते वे बीज के आकार, रंग की एकरूपता और नमी की मात्रा जैसे गुणवत्ता मानकों पर ध्यान केंद्रित करें, जो APMC में अंतिम नीलामी मूल्य के प्राथमिक निर्धारक हैं।

अपनी फसल बेचने जाने से पहले आसपास की मंडियों के भावों की तुलना करना बहुत जरूरी है। इससे आपको बाजार का ट्रेंड समझने और बिचौलियों से बचकर अपनी उपज का सर्वोत्तम मुनाफा प्राप्त करने में मदद मिलती है।

बुवाई का मौसम

🌱 अक्टूबर से नवंबर (रबी सीजन)

कटाई का मौसम

🌾 फरवरी से मार्च

उपयुक्त मिट्टी

🪨 अच्छी जल निकासी वाली दोमट से मध्यम काली मिट्टी (pH 6.0-8.5)

भंडारण और संरक्षण

🏠 बीजों को धूप में अच्छी तरह सुखाएं, एयरटाइट कंटेनर या हर्मेटिक बैग का उपयोग करें, और घुन (पल्स बीटल) से बचने के लिए नीम आधारित जैविक उपचार करें।

उपयोग

🌿 व्यंजन (हमस, छोले), स्नैक्स, खाद्य प्रसंस्करण उद्योग और प्रीमियम बाजारों के लिए निर्यात।

APMC भाव गाइड

APMC मंडी भाव कैसे समझें?

मंडी भाव की आसान तुलना के लिए कीमतें 20 किलोग्राम के हिसाब से दिखाई जाती हैं।

न्यूनतम भाव

न्यूनतम भाव उपलब्ध मंडी डेटा के अनुसार फसल का सबसे कम दर्ज किया गया बाजार भाव है।

अधिकतम भाव

अधिकतम भाव उपलब्ध मंडी डेटा के अनुसार फसल का सबसे अधिक दर्ज किया गया बाजार भाव है।

औसत भाव

मॉडल भाव बाजार में सबसे सामान्य रूप से दर्ज किया गया भाव है और किसानों के लिए संदर्भ भाव के रूप में उपयोगी है।

महत्वपूर्ण जानकारी

मंडी भाव आवक, फसल की गुणवत्ता, मांग, आपूर्ति और स्थानीय बाजार की स्थिति के अनुसार बदल सकते हैं। फसल बेचने से पहले नवीनतम भाव की पुष्टि करें।

किसान सलाह

काबुली चना (चना-सफ़ेद) खेती सलाह

["फूल आने के महत्वपूर्ण चरण के दौरान फूल झड़ने से रोकने के लिए मिट्टी की नमी को 50-60% फील्ड क्षमता पर बनाए रखें।","आकार के आधार पर दानों को अलग करने के लिए मानकीकृत छलनी का उपयोग करके यांत्रिक ग्रेडिंग करें, क्योंकि बड़े दानों की बाजार कीमत काफी अधिक होती है।","भंडारण से पहले ओसाई और यांत्रिक सफाई के माध्यम से सुनिश्चित करें कि काटी गई उपज मलबे, धूल और टूटे हुए दानों से मुक्त हो।","बाजार के रुझानों पर नजर रखें और जल्दबाजी में बिक्री से बचें; मांग के चरम समय की प्रतीक्षा करने के लिए उपज को ठंडी और सूखी जगह पर रखें।","फफूंद और कीटों के संक्रमण को रोकने के लिए दानों को नमी-रोधी, एयरटाइट कंटेनरों या साइलो में 10% से कम नमी के साथ संग्रहित करें।"]

भाव का रुझान

7 दिनों का बाजार भाव रुझान

प्रति 20 किलो

पिछले 7 दिनों में काबुली चना (चना-सफ़ेद) के औसत मॉडल भाव का रुझान। भाव 20 किलोग्राम के हिसाब से दिखाए जाते हैं।

20 किलो के अनुसार पिछले 7 दिन
किसान उपयोगी जानकारी
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किसान सहायता केंद्र

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राजकोट, गोंडल और जूनागढ़ जैसे प्रमुख बाजारों में काबुली चना का वर्तमान औसत मॉडल भाव ₹1,151 प्रति 20 किलो है।
बाजार में वर्तमान में न्यूनतम भाव ₹800 और अधिकतम भाव ₹1,611 प्रति 20 किलो तक देखा जा रहा है।
अच्छा भाव पाने और भंडारण में खराब होने से बचाने के लिए काबुली चना में नमी की मात्रा 10% से 12% के बीच होनी चाहिए।
दाने के आकार (बोल्डनेस) और रंग के आधार पर ग्रेडिंग करने से भाव में काफी अंतर आता है। बड़े और क्रीम रंग के दाने अधिक कीमत दिलाते हैं।
ठंडी, सूखी और हवादार जगह पर भंडारण करें। नमी-रोधी बोरियों का उपयोग करें और गोदाम को कीटों से मुक्त रखें ताकि गुणवत्ता बनी रहे।
स्मार्ट खेदूत प्लेटफॉर्म पर दैनिक भावों पर नजर रखें। जब बाजार में मांग अधिक हो और आवक कम हो, तब बेचना सबसे फायदेमंद होता है।
सरकार सामान्य चने के लिए MSP घोषित करती है, लेकिन काबुली चना के भाव मुख्य रूप से बाजार की मांग, गुणवत्ता और निर्यात की जरूरतों पर निर्भर करते हैं।
बाजार ले जाने से पहले अपनी उपज को अच्छी तरह साफ करें, धूल और कंकड़ हटा दें। साफ और उच्च गुणवत्ता वाला माल व्यापारियों को जल्दी आकर्षित करता है।
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