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फसल स्थिर

लोबिया (सब्जी) APMC मंडी भाव

गुजरात की विभिन्न APMC मंडियों में लोबिया (सब्जी) के नवीनतम बाजार भाव।

• प्रति 20 किलो

लोबिया (सब्जी) मंडी भाव सारांश

1 भाव रिकॉर्ड
सबसे अधिक भाव ₹1,000
सबसे कम भाव ₹900
औसत मॉडल भाव ₹950

जब तक अलग से उल्लेख न हो, सभी भाव 20 किलोग्राम के हिसाब से दिखाए जाते हैं।

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नवीनतम मंडी विश्लेषण

नवीनतम लोबिया (सब्जी) मंडी डेटा के अनुसार 20 किलोग्राम पर सबसे अधिक दर्ज भाव ₹1,000 है और 1 मंडी रिकॉर्ड में औसत मॉडल भाव ₹950 है। वर्तमान बाजार स्थिति: स्थिर।

भाव की इकाई APMC मंडी डेटा
APMC मंडी भाव

लोबिया (सब्जी) गुजरात की मंडियों के बाजार भाव

गुजरात की APMC मंडी यार्ड में न्यूनतम, अधिकतम और मॉडल भाव की तुलना करें। भाव सामान्यतः 20 किलोग्राम के हिसाब से दिखाए जाते हैं।

1 भाव रिकॉर्ड
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फसल

गुजरात में लोबिया (सब्जी) के बाजार भाव और व्यापार की जानकारी

लोबिया (Cowpea), जिसे गुजरात में 'चोला' के नाम से भी जाना जाता है, एक महत्वपूर्ण दलहनी सब्जी फसल है। यह अपने उच्च प्रोटीन और विभिन्न जलवायु परिस्थितियों में अनुकूलन क्षमता के लिए जानी जाती है। गुजरात में, इसे मुख्य रूप से कम अवधि की फसल के रूप में उगाया जाता है, जो इसे अंतर-फसल या मुख्य फसलों के बीच एक उत्कृष्ट विकल्प बनाता है। यह फसल गुजरात के गर्म और अर्ध-शुष्क जलवायु में, विशेष रूप से सौराष्ट्र और उत्तर गुजरात में बहुत अच्छी तरह से विकसित होती है। लोबिया सूखा-सहिष्णु है और अन्य सब्जी फसलों की तुलना में बहुत कम पानी की आवश्यकता होती है, जो इसे जल संकट का सामना कर रहे किसानों के लिए एक टिकाऊ विकल्प बनाता है। बाजार के दृष्टिकोण से, अहमदाबाद, सूरत और वड़ोदरा जैसे शहरी केंद्रों में हरी लोबिया की फली की भारी मांग है। सब्जी के रूप में उपयोग के लिए इसे हरी अवस्था में काटा जाता है, जबकि सूखे दानों को दाल के रूप में बेचा जाता है। लोबिया की खेती नाइट्रोजन स्थिरीकरण के माध्यम से मिट्टी की उर्वरता में सुधार करती है, जिससे रासायनिक उर्वरकों की आवश्यकता कम हो जाती है। गुजरात के किसान अब मोज़ेक वायरस और एफिड्स के प्रति प्रतिरोधी उन्नत किस्मों को अपना रहे हैं, जिससे पैदावार में वृद्धि हो रही है। लोबिया का आर्थिक महत्व इसके त्वरित उत्पादन में है; यह 60 से 75 दिनों में तैयार हो जाती है, जो किसानों को त्वरित नकदी प्रवाह प्रदान करती है। इसके अलावा, इसका हरा चारा पशुओं के लिए उत्कृष्ट भोजन है, जो आय का एक अतिरिक्त स्रोत बनता है। प्रोटीन युक्त आहार की बढ़ती मांग के कारण, गुजरात की मंडियों में लोबिया की कीमतों में लगातार वृद्धि देखी गई है। फली छेदक और एफिड्स जैसे कीटों का उचित प्रबंधन गुणवत्ता बनाए रखने के लिए आवश्यक है। उच्च उपज देने वाली और रोग प्रतिरोधी किस्मों पर ध्यान केंद्रित करके और ड्रिप सिंचाई जैसी आधुनिक तकनीकों को अपनाकर, गुजरात के किसान अपनी लाभप्रदता को काफी बढ़ा सकते हैं। गर्मी के प्रति इसकी सहनशीलता इसे बदलते मौसम के लिए एक स्मार्ट फसल बनाती है, जो किसानों के लिए खाद्य सुरक्षा और आर्थिक स्थिरता सुनिश्चित करती है।

अपनी फसल बेचने जाने से पहले आसपास की मंडियों के भावों की तुलना करना बहुत जरूरी है। इससे आपको बाजार का ट्रेंड समझने और बिचौलियों से बचकर अपनी उपज का सर्वोत्तम मुनाफा प्राप्त करने में मदद मिलती है।

बुवाई का मौसम

🌱 खरीफ (जून-जुलाई) और ग्रीष्मकालीन (फरवरी-मार्च)

कटाई का मौसम

🌾 बुवाई के 60 से 75 दिन बाद

उपयुक्त मिट्टी

🪨 6.0-7.5 pH वाली अच्छी जल निकासी वाली रेतीली दोमट से चिकनी दोमट मिट्टी

भंडारण और संरक्षण

🏠 ठंडी, सूखी और हवादार जगहों पर स्टोर करें; बीजों को घुन से बचाने के लिए नीम की पत्तियों या एयरटाइट कंटेनर का उपयोग करें।

उपयोग

🌿 ताजी सब्जी के रूप में उपयोग, प्रोटीन युक्त दाल, पशुओं के लिए हरा चारा और मिट्टी में नाइट्रोजन बढ़ाने के लिए।

APMC भाव गाइड

APMC मंडी भाव कैसे समझें?

मंडी भाव की आसान तुलना के लिए कीमतें 20 किलोग्राम के हिसाब से दिखाई जाती हैं।

न्यूनतम भाव

न्यूनतम भाव उपलब्ध मंडी डेटा के अनुसार फसल का सबसे कम दर्ज किया गया बाजार भाव है।

अधिकतम भाव

अधिकतम भाव उपलब्ध मंडी डेटा के अनुसार फसल का सबसे अधिक दर्ज किया गया बाजार भाव है।

औसत भाव

मॉडल भाव बाजार में सबसे सामान्य रूप से दर्ज किया गया भाव है और किसानों के लिए संदर्भ भाव के रूप में उपयोगी है।

महत्वपूर्ण जानकारी

मंडी भाव आवक, फसल की गुणवत्ता, मांग, आपूर्ति और स्थानीय बाजार की स्थिति के अनुसार बदल सकते हैं। फसल बेचने से पहले नवीनतम भाव की पुष्टि करें।

किसान सलाह

लोबिया (सब्जी) खेती सलाह

1. प्रीमियम मूल्य प्राप्त करने के लिए फलियों को कोमल और हरी अवस्था में ही तोड़ें। 2. एपीएमसी में एकरूपता सुनिश्चित करने के लिए आकार, रंग और ताजगी के आधार पर फलियों की ग्रेडिंग करें। 3. फलियों को धूल और मिट्टी से अच्छी तरह साफ करें; पानी से धोने से बचें क्योंकि इससे शेल्फ लाइफ कम हो जाती है। 4. खुदरा विक्रेताओं की मांग को पूरा करने के लिए सुबह जल्दी बाजार पहुंचें। 5. परिवहन के लिए हवादार क्रेट का उपयोग करें ताकि गर्मी और नमी न जमा हो और फसल सड़ने से बचे।

भाव का रुझान

7 दिनों का बाजार भाव रुझान

प्रति 20 किलो

पिछले 7 दिनों में लोबिया (सब्जी) के औसत मॉडल भाव का रुझान। भाव 20 किलोग्राम के हिसाब से दिखाए जाते हैं।

20 किलो के अनुसार पिछले 7 दिन
किसान उपयोगी जानकारी
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किसान सहायता केंद्र

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राजकोट, गोंडल और जूनागढ़ जैसे प्रमुख बाजारों में लोबिया का औसत मॉडल भाव ₹1,368 प्रति क्विंटल है।
लोबिया के भाव वर्तमान में न्यूनतम ₹300 से अधिकतम ₹3,600 प्रति क्विंटल के बीच चल रहे हैं।
APMC में अच्छी कीमत पाने के लिए लोबिया में नमी की मात्रा 10-12% के बीच होनी चाहिए।
लोबिया को आकार, रंग और ताजगी के आधार पर अलग करें। खराब या दाग वाले दानों को हटा दें ताकि आपको उच्चतम मूल्य मिल सके।
लोबिया को ठंडी, सूखी और हवादार जगह पर रखें। नमी से बचाएं ताकि गुणवत्ता खराब न हो।
स्मार्ट खेदूत प्लेटफॉर्म पर दैनिक भावों पर नजर रखें। जब बाजार में मांग अधिक हो, तब बेचना सबसे फायदेमंद होता है।
लोबिया मुख्य रूप से बाजार की मांग पर बिकता है। सरकारी नियमों के अनुसार MSP के लिए हमेशा APMC की नवीनतम अधिसूचना देखें।
माल को अच्छी तरह साफ करके और कचरा हटाकर मंडी ले जाएं। एकसमान गुणवत्ता वाला माल व्यापारियों द्वारा जल्दी खरीदा जाता है।
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🔗 किसानों के लिए अन्य उपयोगी जानकारी

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