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आज के फूलगोभी के भाव

फसल तेजी

फूलगोभी

गुजरात भर में फूलगोभी के नवीनतम नीलामी रेट्स

फूलगोभी मंडी सारांश

अंतिम अपडेट: 05 Aug 2026, 12:00 AM

468 मंडियां
उच्चतम मूल्य ₹1,200
न्यूनतम मूल्य ₹200
औसत मोडल ₹667
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आज का बाजार विश्लेषण

आज गुजरात की मंडियों में फूलगोभी की आवक सामान्य रही है। बाजार में अधिकतम मूल्य ₹1,200 दर्ज किया गया है, जबकि औसत मोडल भाव ₹667 के आसपास है। कुल 468 मंडियों के अनुसार बाजार में तेजी का रुख है।

बेंचमार्क: 20 किलो (1 मण) सत्यापित APMC डेटा

इन मंडियों में उपलब्ध है

प्रति 20 किलो
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🌱 फूलगोभी के बारे में और पूर्ण प्रोफ़ाइल

फूलगोभी (Brassica oleracea var. botrytis) एक उच्च मूल्य वाली क्रूसिफेरस सब्जी है जो गुजरात के कृषि परिदृश्य में महत्वपूर्ण आर्थिक स्थान रखती है। अपने घने, सफेद और खाद्य पुष्पक्रम के लिए जानी जाने वाली यह फसल घरेलू रसोई और प्रसंस्करण उद्योग दोनों में एक मुख्य आधार है। गुजरात में, फूलगोभी की खेती मुख्य रूप से बनासकांठा, साबरकांठा और खेड़ा जैसे क्षेत्रों में केंद्रित है, जहां सर्दियों के महीनों के दौरान ठंडी और शुष्क जलवायु फूल के विकास के लिए आदर्श स्थिति प्रदान करती है। इस फसल के लिए 6.0 से 7.0 pH वाली अच्छी जल निकासी वाली उपजाऊ मिट्टी की आवश्यकता होती है। गुजरात के किसानों ने कीटों और रोगों के प्रति प्रतिरोधी हाइब्रिड किस्मों को सफलतापूर्वक अपनाया है, जिससे प्रति हेक्टेयर पैदावार में वृद्धि हुई है। सर्दियों के मौसम में फूलगोभी की मांग लगातार बनी रहती है, जिससे यह छोटे और सीमांत किसानों के लिए एक लाभदायक नकदी फसल बन जाती है। वांछित फूल के आकार और गुणवत्ता को प्राप्त करने के लिए संतुलित एनपीके उर्वरकों और जैविक खाद का उपयोग महत्वपूर्ण है। इसके अलावा, ड्रिप सिंचाई प्रणालियों के एकीकरण ने राज्य में फूलगोभी की खेती में क्रांति ला दी है, जिससे सटीक जल प्रबंधन और खरपतवार में कमी आई है। अहमदाबाद, सूरत और वडोदरा जैसे शहरी केंद्रों में ताजी और उच्च गुणवत्ता वाली उपज की मांग बढ़ने के साथ, किसान नुकसान को कम करने के लिए फसल कटाई के बाद के प्रबंधन पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। फसल का छोटा विकास चक्र किसानों को कई फसलें लेने की अनुमति देता है, जिससे उन्हें आय का एक स्थिर स्रोत मिलता है। वैज्ञानिक खेती के तरीकों का पालन करके, जैसे कि समय पर रोपाई और डायमंडबैक मॉथ और एफिड्स को नियंत्रित करने के लिए एकीकृत कीट प्रबंधन (IPM), गुजरात के किसान अपनी लाभप्रदता को काफी बढ़ा सकते हैं। राज्य का मजबूत एपीएमसी नेटवर्क यह सुनिश्चित करता है कि किसानों को प्रतिस्पर्धी बाजार मिले, बशर्ते वे प्रीमियम मूल्य निर्धारण के लिए आवश्यक गुणवत्ता मानकों को पूरा करें। कोल्ड चेन इंफ्रास्ट्रक्चर और आधुनिक पैकेजिंग तकनीकों में निवेश किसानों को निर्यात बाजारों तक पहुंचने के लिए सशक्त बनाएगा, जिससे गुजरात फूलगोभी उत्पादन में अग्रणी बन जाएगा।
बुवाई और कटाई 🌾 बुवाई: अगस्त से अक्टूबर (रबी सीजन) ✂️ कटाई: नवंबर से फरवरी
उपयुक्त मिट्टी का प्रकार 🪨 6.0-7.0 pH वाली अच्छी जल निकासी वाली दोमट मिट्टी
भंडारण और संरक्षण 🏠 फंगल विकास को रोकने के लिए 0-2°C तापमान और 90-95% आर्द्रता वाली ठंडी, हवादार जगह या कोल्ड स्टोरेज में रखें।
📢
messages.farmer_advisory • फूलगोभी

1. ताजगी बनाए रखने और मुरझाने से बचने के लिए सुबह-सुबह कटाई करें। 2. एपीएमसी में प्रीमियम मूल्य प्राप्त करने के लिए आकार, रंग और सघनता के आधार पर ग्रेडिंग करें। 3. बाजार में आकर्षण बढ़ाने के लिए क्षतिग्रस्त पत्तियों को हटा दें और फूल की सतह को धीरे से साफ करें। 4. मांग के चरम समय के दौरान बेचने के लिए नजदीकी एपीएमसी यार्ड के बाजार रुझानों पर नजर रखें। 5. परिवहन के दौरान गर्मी और सड़न को रोकने के लिए हवादार क्रेट का उपयोग करें।

📈 7-दिवसीय मूल्य रुझान

प्रति 20 किलो

फूलगोभी का व्यापार करने वाली अन्य मंडियां (भाग 2)

संबंधित मार्केट यार्ड

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❓ किसान सहायता केंद्र

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राजकोट, गोंडल और जूनागढ़ जैसे गुजरात के प्रमुख बाजारों में फूलगोभी का औसत मॉडल भाव ₹626 प्रति क्विंटल है।
वर्तमान में फूलगोभी का अधिकतम भाव ₹1,200 और न्यूनतम भाव ₹160 प्रति क्विंटल दर्ज किया गया है।
आकार, रंग (चमकदार सफेद) और कसावट के आधार पर ग्रेडिंग करें। खराब पत्तों को हटा दें और दाग-धब्बे रहित फूलगोभी बेचने से बेहतर दाम मिलते हैं।
फूलगोभी जल्दी खराब होने वाली सब्जी है। ताजगी बनाए रखने के लिए इसे 90-95% नमी और 0°C तापमान के पास संग्रहित करना चाहिए।
नहीं, फूलगोभी के लिए कोई न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) नहीं है। भाव बाजार की मांग और आपूर्ति के आधार पर तय होते हैं।
गुजरात में फूलगोभी के व्यापार के लिए राजकोट, गोंडल और जूनागढ़ प्रमुख बाजार हैं।
APMC बाजारों में सुबह जल्दी माल बेचने से बेहतर भाव मिलता है क्योंकि माल ताजा रहता है और खरीदार अधिक होते हैं।
फूलगोभी के ढीले होने या पीले पड़ने से पहले समय पर सिंचाई करें और सही समय पर कटाई करें ताकि बाजार मूल्य बना रहे।

🔗 किसानों के लिए अन्य उपयोगी जानकारी

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