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फसल ऊंची भाव सीमा

खीरा APMC मंडी भाव

गुजरात की विभिन्न APMC मंडियों में खीरा के नवीनतम बाजार भाव।

• प्रति 20 किलो

खीरा मंडी भाव सारांश

1 भाव रिकॉर्ड
सबसे अधिक भाव ₹1,028
सबसे कम भाव ₹624
औसत मॉडल भाव ₹826

जब तक अलग से उल्लेख न हो, सभी भाव 20 किलोग्राम के हिसाब से दिखाए जाते हैं।

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नवीनतम मंडी विश्लेषण

नवीनतम खीरा मंडी डेटा के अनुसार 20 किलोग्राम पर सबसे अधिक दर्ज भाव ₹1,028 है और 1 मंडी रिकॉर्ड में औसत मॉडल भाव ₹826 है। वर्तमान बाजार स्थिति: ऊंची भाव सीमा।

भाव की इकाई APMC मंडी डेटा
APMC मंडी भाव

खीरा गुजरात की मंडियों के बाजार भाव

गुजरात की APMC मंडी यार्ड में न्यूनतम, अधिकतम और मॉडल भाव की तुलना करें। भाव सामान्यतः 20 किलोग्राम के हिसाब से दिखाए जाते हैं।

1 भाव रिकॉर्ड
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फसल

गुजरात में खीरा के बाजार भाव और व्यापार की जानकारी

खीरा (Cucumis sativus) कुकुरबिटेसी परिवार की एक महत्वपूर्ण बेल वाली फसल है, जिसका उपयोग मुख्य रूप से सलाद और सब्जी के रूप में किया जाता है। गुजरात के कृषि परिदृश्य में, खीरा एक अत्यधिक लाभदायक और कम अवधि वाली फसल है। इसके सफल उत्पादन के लिए गर्म और आर्द्र जलवायु सबसे उपयुक्त होती है। इसे अच्छी जल निकासी वाली और उपजाऊ मिट्टी की आवश्यकता होती है, जिसका pH मान 6.0 से 7.0 के बीच हो। खीरा पाले और अत्यधिक ठंड के प्रति संवेदनशील होता है, इसलिए गुजरात में ग्रीष्मकालीन और वर्षा ऋतु में इसकी खेती सबसे अधिक सफल रहती है। आधुनिक खेती में मचान विधि (Trellis system) का उपयोग करने से फलों की गुणवत्ता में सुधार होता है, मिट्टी से होने वाले रोगों का खतरा कम होता है और प्रति हेक्टेयर पैदावार में वृद्धि होती है। खीरे की फसल में नमी का प्रबंधन अत्यंत महत्वपूर्ण है; फूल आने और फल लगने के दौरान पानी की कमी से फल कड़वे हो सकते हैं और उनका आकार बिगड़ सकता है। पोषक तत्वों के प्रबंधन के लिए नाइट्रोजन, फास्फोरस और पोटाश का संतुलित उपयोग आवश्यक है। किसानों को फल मक्खी, माहू और लीफ माइनर जैसे कीटों के नियंत्रण के लिए एकीकृत कीट प्रबंधन (IPM) अपनाना चाहिए। कटाई तब की जानी चाहिए जब फल कोमल और वांछित आकार के हों, क्योंकि अधिक पकने पर फल अपना कुरकुरापन और बाजार मूल्य खो देते हैं। खीरे में पानी की मात्रा अधिक होने के कारण, यह कटाई के बाद जल्दी खराब हो सकता है, इसलिए उचित सफाई और ठंडा रखना बहुत जरूरी है। एक 'स्मार्ट खेड़ूत' के रूप में, बाजार की मांग के अनुसार किस्मों का चयन करना और ड्रिप सिंचाई जैसी आधुनिक तकनीकों का उपयोग करना लाभप्रद है। इस फसल का जीवन चक्र छोटा होने के कारण, किसान एक वर्ष में कई बार फसल ले सकते हैं, जो उन्हें निरंतर आय प्रदान करता है। स्वास्थ्य के प्रति बढ़ती जागरूकता के कारण बाजार में खीरे की मांग लगातार बढ़ रही है, जो इसे गुजरात के किसानों के लिए एक आदर्श व्यावसायिक फसल बनाती है।

अपनी फसल बेचने जाने से पहले आसपास की मंडियों के भावों की तुलना करना बहुत जरूरी है। इससे आपको बाजार का ट्रेंड समझने और बिचौलियों से बचकर अपनी उपज का सर्वोत्तम मुनाफा प्राप्त करने में मदद मिलती है।

बुवाई का मौसम

🌱 फरवरी-मार्च (ग्रीष्मकालीन) और जून-जुलाई (वर्षा ऋतु)

कटाई का मौसम

🌾 बुवाई के 45-60 दिन बाद

उपयुक्त मिट्टी

🪨 अच्छी जल निकासी वाली रेतीली दोमट से चिकनी दोमट मिट्टी

भंडारण और संरक्षण

🏠 10-12°C तापमान और उच्च आर्द्रता पर स्टोर करें; चोट से बचने के लिए भारी वजन को एक-दूसरे के ऊपर न रखें।

उपयोग

🌿 सलाद, अचार, जूस और कॉस्मेटिक उद्योग में ताजा खपत के लिए।

APMC भाव गाइड

APMC मंडी भाव कैसे समझें?

मंडी भाव की आसान तुलना के लिए कीमतें 20 किलोग्राम के हिसाब से दिखाई जाती हैं।

न्यूनतम भाव

न्यूनतम भाव उपलब्ध मंडी डेटा के अनुसार फसल का सबसे कम दर्ज किया गया बाजार भाव है।

अधिकतम भाव

अधिकतम भाव उपलब्ध मंडी डेटा के अनुसार फसल का सबसे अधिक दर्ज किया गया बाजार भाव है।

औसत भाव

मॉडल भाव बाजार में सबसे सामान्य रूप से दर्ज किया गया भाव है और किसानों के लिए संदर्भ भाव के रूप में उपयोगी है।

महत्वपूर्ण जानकारी

मंडी भाव आवक, फसल की गुणवत्ता, मांग, आपूर्ति और स्थानीय बाजार की स्थिति के अनुसार बदल सकते हैं। फसल बेचने से पहले नवीनतम भाव की पुष्टि करें।

किसान सलाह

खीरा खेती सलाह

["फलों में कड़वाहट और आकार बिगड़ने से रोकने के लिए ड्रिप सिंचाई के माध्यम से मिट्टी में नमी का स्तर बनाए रखें।","बेहतर बाजार मूल्य सुनिश्चित करने के लिए पैकिंग से पहले फलों को आकार, रंग और एकरूपता के आधार पर ग्रेड करें।","कटाई किए गए खीरों को नरम कपड़े से धीरे से साफ करें ताकि छिलके को नुकसान पहुंचाए बिना मिट्टी और कचरा हटाया जा सके।","स्थानीय बाजार की मांग पर नजर रखें और अधिकतम ताजगी और शेल्फ-लाइफ सुनिश्चित करने के लिए सुबह जल्दी कटाई करें।","कटाई किए गए खीरों को तेजी से सूखने से बचाने के लिए उन्हें सीधी धूप से दूर ठंडी और हवादार जगह पर रखें।"]

भाव का रुझान

7 दिनों का बाजार भाव रुझान

प्रति 20 किलो

पिछले 7 दिनों में खीरा के औसत मॉडल भाव का रुझान। भाव 20 किलोग्राम के हिसाब से दिखाए जाते हैं।

20 किलो के अनुसार पिछले 7 दिन
किसान उपयोगी जानकारी
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किसान सहायता केंद्र

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राजकोट, गोंडल और जूनागढ़ जैसे प्रमुख बाजारों में खीरे का औसत मॉडल भाव ₹550 प्रति क्विंटल है।
खीरे का अधिकतम मूल्य ₹1,031 और न्यूनतम मूल्य ₹227 प्रति क्विंटल दर्ज किया गया है।
नहीं, खीरे के लिए सरकार द्वारा कोई न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) घोषित नहीं किया जाता है; कीमतें बाजार की मांग और आपूर्ति पर निर्भर करती हैं।
खीरे को उसके आकार, रंग और ताजगी के आधार पर अलग करें। खराब या टेढ़े-मेढ़े खीरों को हटा दें ताकि माल एक समान दिखे, जिससे बेहतर दाम मिलते हैं।
खीरे में पानी की मात्रा अधिक होती है। इसकी ताजगी बनाए रखने के लिए इसे सीधी धूप से दूर और ठंडी जगह पर रखें ताकि नमी कम न हो।
APMC में जल्दी सुबह माल बेचना सबसे अच्छा होता है, क्योंकि ताजगी के आधार पर ही व्यापारी बेहतर कीमत तय करते हैं।
खीरे को ठंडी और हवादार जगह पर रखें। इसे बहुत अधिक ऊंचाई तक न भरें ताकि वे दबें नहीं और बाजार तक ताजा पहुंचें।
गुजरात में खीरा बेचने के लिए राजकोट, गोंडल और जूनागढ़ APMC प्रमुख बाजार हैं।
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