मुख्य सामग्री पर जाएं

आज के बाजरा (मोती बाजरा/कंबू) के भाव

फसल तेजी

बाजरा (मोती बाजरा/कंबू)

गुजरात भर में बाजरा (मोती बाजरा/कंबू) के नवीनतम नीलामी रेट्स

बाजरा (मोती बाजरा/कंबू) मंडी सारांश

अंतिम अपडेट: 05 Aug 2026, 12:00 AM

868 मंडियां
उच्चतम मूल्य ₹551
न्यूनतम मूल्य ₹300
औसत मोडल ₹460
विज्ञापन Google AdSense Space

आज का बाजार विश्लेषण

आज गुजरात की मंडियों में बाजरा (मोती बाजरा/कंबू) की आवक सामान्य रही है। बाजार में अधिकतम मूल्य ₹551 दर्ज किया गया है, जबकि औसत मोडल भाव ₹460 के आसपास है। कुल 868 मंडियों के अनुसार बाजार में तेजी का रुख है।

बेंचमार्क: 20 किलो (1 मण) सत्यापित APMC डेटा

इन मंडियों में उपलब्ध है

प्रति 20 किलो
विज्ञापन Google AdSense Space

🌱 बाजरा (मोती बाजरा/कंबू) के बारे में और पूर्ण प्रोफ़ाइल

बाजरा, जिसे स्थानीय रूप से 'बाजरा' कहा जाता है, गुजरात की शुष्क कृषि का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, विशेष रूप से उत्तर गुजरात और सौराष्ट्र के अर्ध-शुष्क क्षेत्रों में। यह फसल कम वर्षा वाले क्षेत्रों में भी अच्छी तरह से पनपती है, जो इसे खाद्य सुरक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण विकल्प बनाती है। बाजरा प्रोटीन, आयरन और कैल्शियम से भरपूर होता है, जिसके कारण इसे 'न्यूट्री-सीरियल' माना जाता है। गुजरात में बनासकांठा, साबरकांठा और मेहसाणा जैसे जिलों में बाजरे की खेती बड़े पैमाने पर होती है। इस फसल की अवधि कम (75 से 90 दिन) होती है, जिससे किसान इसे विभिन्न फसल चक्रों में आसानी से शामिल कर सकते हैं। बाजरा उच्च तापमान और तेज धूप में बहुत अच्छी तरह से विकसित होता है, जो गुजरात की जलवायु के लिए अनुकूल है। वर्तमान में, ग्लूटेन-फ्री अनाज की बढ़ती मांग के कारण बाजार में बाजरे की कीमतों में सुधार हुआ है। एपीएमसी (APMC) मंडियों में उच्च गुणवत्ता वाले और साफ दानों की मांग अधिक रहती है। जो किसान कटाई के बाद उचित सुखाने और ग्रेडिंग पर ध्यान देते हैं, उन्हें बाजार में बेहतर दाम मिलते हैं। बाजरे का उपयोग न केवल मानव उपभोग के लिए किया जाता है, बल्कि इसका चारा (कड़बी) पशुओं के लिए भी बहुत पौष्टिक होता है, जो किसानों के लिए आय का एक अतिरिक्त स्रोत है। सरकार द्वारा बाजरे के सेवन को बढ़ावा देने के कारण, किसानों के लिए बाजार की संभावनाएं बढ़ गई हैं। किसानों को रोग प्रतिरोधी हाइब्रिड किस्मों का चयन करना चाहिए ताकि डाउनी मिल्ड्यू जैसे रोगों से फसल को बचाया जा सके। वैज्ञानिक खेती और सही समय पर सिंचाई से उत्पादन में काफी वृद्धि की जा सकती है।
बुवाई और कटाई 🌾 बुवाई: खरीफ: जून-जुलाई; ग्रीष्मकालीन: फरवरी-मार्च ✂️ कटाई: खरीफ: सितंबर-अक्टूबर; ग्रीष्मकालीन: मई-जून
उपयुक्त मिट्टी का प्रकार 🪨 अच्छी जल निकासी वाली रेतीली दोमट मिट्टी जिसमें कार्बनिक पदार्थों की मात्रा अच्छी हो।
भंडारण और संरक्षण 🏠 ठंडी, सूखी और हवादार जगह पर भंडारण करें; घुन जैसे कीटों से बचने के लिए नीम की पत्तियों या अनुमोदित अनाज रक्षकों का उपयोग करें।
📢
messages.farmer_advisory • बाजरा (मोती बाजरा/कंबू)

1. भंडारण से पहले दानों में नमी की मात्रा 10-12% से कम रखें ताकि फफूंद न लगे। 2. प्रीमियम दाम पाने के लिए मैकेनिकल ग्रेडिंग करें और धूल, कंकड़ व टूटे दानों को अलग करें। 3. दानों की एकसमान गुणवत्ता और शुद्धता सुनिश्चित करने के लिए विनोवर का उपयोग करके अच्छी तरह सफाई करें। 4. बाजार के रुझानों पर नजर रखें और कटाई के तुरंत बाद जल्दबाजी में बेचने के बजाय कीमतों के स्थिर होने का इंतजार करें। 5. एपीएमसी ले जाते समय नमी-रोधी बोरियों या एयर-टाइट कंटेनरों का उपयोग करें ताकि अनाज की गुणवत्ता बनी रहे।

📈 7-दिवसीय मूल्य रुझान

प्रति 20 किलो

बाजरा (मोती बाजरा/कंबू) का व्यापार करने वाली अन्य मंडियां (भाग 2)

संबंधित मार्केट यार्ड

विज्ञापन Google AdSense Space
❓ किसान सहायता केंद्र

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राजकोट, गोंडल और जूनागढ़ जैसे प्रमुख बाजारों में बाजरा का औसत मॉडल भाव वर्तमान में ₹455 प्रति 20 किलो है।
वर्तमान में बाजरा का अधिकतम मूल्य ₹541 और न्यूनतम मूल्य ₹250 प्रति 20 किलो दर्ज किया गया है।
APMC में अच्छी कीमत पाने और माल को रिजेक्ट होने से बचाने के लिए बाजरा में नमी की मात्रा 12% से 14% के बीच रखें।
दाने के आकार, रंग और अशुद्धियों (पत्थर/धूल) की अनुपस्थिति के आधार पर ग्रेडिंग करने से बाजार में बेहतर मूल्य मिलता है।
बाजरा को ठंडी और सूखी जगह पर रखें। हवा बंद कंटेनर या बोरियों का उपयोग करें ताकि घुन या कीड़ों से बचाव हो सके।
बाजार के भाव बदलते रहते हैं, इसलिए स्मार्ट खेड़ूत प्लेटफॉर्म पर रोजाना भाव देखें और जब भाव ₹455 के औसत से ऊपर हों, तब बेचना फायदेमंद होता है।
हाँ, सरकार हर साल बाजरा के लिए MSP घोषित करती है। सुनिश्चित करें कि आपको सरकार द्वारा निर्धारित उचित मूल्य मिल रहा है।
माल को अच्छी तरह साफ करके कचरा निकालें, दाने के आकार के अनुसार छंटाई करें और जब बाजार में आवक बहुत अधिक हो, तब बेचने से बचें।

🔗 किसानों के लिए अन्य उपयोगी जानकारी

मौसम पूर्वानुमान, सरकारी सब्सिडी और कृषि से जुड़े अन्य साधनों का लाभ उठाएं।