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Monsoon rains weaken across India; IMD predicts below-normal rainfall till Sept 2

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने एक नया पूर्वानुमान जारी किया है, जो देश भर में मानसून की गतिविधि के कमजोर होने का संकेत देता है।

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pritha chakraborty
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Monsoon rains weaken across India; IMD predicts below-normal rainfall till Sept 2

મુખ્ય માહિતી

મુખ્ય માહિતી

  • भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने एक नया पूर्वानुमान जारी किया है, जो देश भर में मानसून की गतिविधि के कमजोर होने का संकेत देता है।
  • नवीनतम अपडेट के अनुसार, भारत में आने वाले दिनों में सामान्य से कम बारिश होने की संभावना है, और यह प्रवृत्ति 2 सितंबर तक जारी रहने का अनुमान है।
  • बारिश की कमी का बढ़ता दायरा IMD द्वारा किए गए हालिया आकलन में देश में मानसून की प्रगति को लेकर एक चिंताजनक रुझान सामने आया है।

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने एक नया पूर्वानुमान जारी किया है, जो देश भर में मानसून की गतिविधि के कमजोर होने का संकेत देता है। नवीनतम अपडेट के अनुसार, भारत में आने वाले दिनों में सामान्य से कम बारिश होने की संभावना है, और यह प्रवृत्ति 2 सितंबर तक जारी रहने का अनुमान है।

बारिश की कमी का बढ़ता दायरा

IMD द्वारा किए गए हालिया आकलन में देश में मानसून की प्रगति को लेकर एक चिंताजनक रुझान सामने आया है। जैसे-जैसे मौसमी बारिश कम हो रही है, देश में बारिश की कमी का दायरा बढ़ता जा रहा है। अपेक्षित मौसमी औसत और वास्तविक दर्ज की गई वर्षा के बीच का यह अंतर और अधिक स्पष्ट हो गया है, जिससे मानसून के समग्र स्वास्थ्य को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं।

मौसम विभाग का दृष्टिकोण बताता है कि वर्तमान वायुमंडलीय स्थितियां सितंबर की शुरुआत तक भारत के प्रमुख क्षेत्रों में व्यापक या भारी बारिश के लिए अनुकूल नहीं हैं।

बारिश पर निर्भर फसलों पर प्रभाव

इस सूखे दौर का एक महत्वपूर्ण परिणाम बारिश पर निर्भर फसलों पर बढ़ता दबाव है। चूंकि भारत में कृषि उत्पादन का एक बड़ा हिस्सा मानसून की बारिश के समय पर आने और उसके वितरण पर अत्यधिक निर्भर है, इसलिए सामान्य से कम वर्षा का वर्तमान पूर्वानुमान इन क्षेत्रों के लिए एक चुनौतीपूर्ण वातावरण पैदा कर रहा है।

प्राकृतिक वर्षा पर निर्भरता का अर्थ है कि मानसून की गतिविधि में कोई भी लंबा अंतराल या कमी सीधे तौर पर फसल की वृद्धि के लिए आवश्यक नमी के स्तर को प्रभावित करती है। जैसे-जैसे कमी बढ़ती जा रही है, इन फसलों पर पड़ने वाला तनाव कृषि क्षेत्र के लिए चिंता का मुख्य विषय बनता जा रहा है।

वर्तमान मानसून स्थिति को समझना

  • पूर्वानुमान अवधि: IMD का अनुमान है कि सामान्य से कम बारिश की गतिविधि 2 सितंबर तक जारी रहेगी।
  • मुख्य रुझान: राष्ट्रीय स्तर पर बारिश की कमी में बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
  • प्राथमिक चिंता: अपेक्षित वर्षा में कमी बारिश पर निर्भर कृषि प्रणालियों पर भारी दबाव डाल रही है।

IMD यह निर्धारित करने के लिए वायुमंडलीय पैटर्न की निगरानी कर रहा है कि क्या 2 सितंबर की समय सीमा के बाद मौसम की स्थिति में कोई बदलाव आएगा। फिलहाल, प्रचलित पूर्वानुमान कम वर्षा का ही है, जो देश के लिए मानसून की तीव्रता में कमी की अवधि को दर्शाता है।

लेखक और स्रोत की जानकारी

इस लेख के लेखक: pritha chakraborty.

स्रोत: Newseisamay
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