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Horticulture

सरकारी आंकड़ों से पता चलता है कि 2,000 से अधिक खाद्य नमूनों में कीटनाशक अवशेष सुरक्षा सीमा से अधिक हैं।

एक हालिया सरकारी रिपोर्ट से पता चला है कि 2023 और 2026 के बीच पूरे भारत में एकत्र किए गए 2,223 खाद्य नमूनों में कीटनाशक अवशेष सुरक्षा सीमा से अधिक पाए गए। यह चिंताजनक निष्कर्ष कृषि मंत्रालय द्वारा संचालित राष्ट्रीय कीटनाशक अवशेष निगरानी कार्यक्रम (MPRNL) से सामने आया है।

स्मार्ट किसान समाचार
pooja shah
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सरकारी आंकड़ों से पता चलता है कि 2,000 से अधिक खाद्य नमूनों में कीटनाशक अवशेष सुरक्षा सीमा से अधिक हैं।

મુખ્ય માહિતી

મુખ્ય માહિતી

  • एक हालिया सरकारी रिपोर्ट से पता चला है कि 2023 और 2026 के बीच पूरे भारत में एकत्र किए गए 2,223 खाद्य नमूनों में कीटनाशक अवशेष सुरक्षा सीमा से अधिक पाए गए।
  • यह चिंताजनक निष्कर्ष कृषि मंत्रालय द्वारा संचालित राष्ट्रीय कीटनाशक अवशेष निगरानी कार्यक्रम (MPRNL) से सामने आया है।

भारतीय कृषि क्षेत्र में कीटनाशकों के उपयोग को लेकर एक गंभीर रिपोर्ट सामने आई है। केंद्रीय कृषि मंत्रालय द्वारा संचालित 'नेशनल पेस्टिसाइड रेसिड्यू मॉनिटरिंग प्रोग्राम' (MPRNL) द्वारा की गई जांच में पाया गया है कि 2023 से 2026 के बीच एकत्र किए गए खाद्य नमूनों में कीटनाशकों के अवशेष सुरक्षित सीमा से अधिक पाए गए हैं।

रिपोर्ट की मुख्य बातें

इस रिपोर्ट के अनुसार, देशभर से कुल 70,652 खाद्य नमूने एकत्र किए गए थे। इन नमूनों में सब्जियां, फल, मसाले, अनाज और दालें जैसे विभिन्न कृषि उत्पाद शामिल थे। जांच के अंत में 2,223 नमूनों में कीटनाशकों के अवशेष निर्धारित सुरक्षित सीमा से अधिक पाए गए। ये आंकड़े खेती में दवाओं के उपयोग की वर्तमान स्थिति पर प्रकाश डालते हैं।

नेशनल पेस्टिसाइड रेसिड्यू मॉनिटरिंग प्रोग्राम की भूमिका

कृषि मंत्रालय के तहत कार्यरत इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बाजार में उपलब्ध खाद्य पदार्थों में कीटनाशकों के स्तर की निगरानी करना है। इस प्रकार के मॉनिटरिंग प्रोग्राम के माध्यम से सरकार खेती में उपयोग की जाने वाली दवाओं के प्रभाव और उसके कारण खाद्य उत्पादों में रह जाने वाले अवशेषों की गुणवत्ता की जांच करती है। यह डेटा किसानों और उपभोक्ताओं दोनों के लिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह खेती के तरीकों में सुधार और सुरक्षा के मानक तय करने में मदद करता है।

किसानों और कृषि क्षेत्र पर प्रभाव

जब खाद्य पदार्थों में कीटनाशकों के अवशेष सीमा से अधिक पाए जाते हैं, तो यह कृषि उत्पादों की गुणवत्ता और उनकी निर्यात क्षमता पर सीधा असर डालता है। किसानों के लिए यह रिपोर्ट एक संकेत है कि फसल की सुरक्षा के लिए दवाओं के छिड़काव में सावधानी बरतना आवश्यक है। अत्यधिक कीटनाशकों का उपयोग न केवल पर्यावरण के लिए, बल्कि अंतिम उत्पाद की सुरक्षा के लिए भी चिंता का विषय बन सकता है।

अगला कदम

सरकार द्वारा जारी किया गया यह डेटा कृषि क्षेत्र में कीटनाशकों के जिम्मेदार उपयोग पर जोर देता है। किसानों को अनुसंधान और कृषि विभाग के दिशा-निर्देशों के अनुसार ही कीटनाशकों का उपयोग करना चाहिए, ताकि फसल की गुणवत्ता बनी रहे और खाद्य सुरक्षा के मानकों का पालन हो सके। इस प्रकार की मॉनिटरिंग रिपोर्ट किसानों को आधुनिक खेती के तरीकों और सुरक्षित फसल प्रबंधन के प्रति जागरूक करने में सहायक होती है।

लेखक और स्रोत की जानकारी

इस लेख के लेखक: pooja shah.

स्रोत: The Csr Journal
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